डा. मृत्युंजय मिश्रा पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा भी दर्ज

उत्तरंचल आयुर्वेद विश्वविद्यालय घोटाले में चार दिसंबर से जेल में बंद निलम्बित पूर्व कुलसचिव मृृत्युंजय मिश्रा पर कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है। विजिलेंस ने वित्तीय घोटाले के साक्ष्याें का संकलन करने के बाद दो मार्च को मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। 4700 पेज की चार्जशीट में 73 गवाह बनाए गए हैं। इस दौरान विजिलेंस ने खुलासा किया था कि जांच के दौरान मृत्युंजय मिश्रा और उनके परिवार के नाम देहरादून और दिल्ली में करीब 12 करोड़ की संपत्ति ममला सामने आया है।

जो कि साफ तौर पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बन गया है। विजिलेंस ने इसी के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी थी जो कि दो माह बाद शासन से अनुमति मिलने पर विवेचक प्रदीप पंत ने निलम्बित पूर्व कुलसचिव मृत्युजंय मिश्रा के खिलाफ, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

उत्तरंचल आयुर्वेद विश्वविद्यालय  घोटाले में मृत्युंजय मिश्रा  वित्तिय अनियमित्तओ के आरोपो के चलते तो जेल में हैं।

जबकि उनकी पत्नी श्वेता तिवारी ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर लिया है। श्वेता के अलावा फर्म मालिक नूतन रावत, शिल्पा त्यागी और मिश्रा के कार चालक के खिलाफ धोखाधड़ व भ्रष्टाचार निवारन अधिनियम सहित कई धाराओ में मुकदमा  दर्ज किया था ।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुए वित्तीय घोटाले के मामले में जेल में बंद पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा भी दर्ज हो गया है। घोटाले की जांच में करीब 12 करोड़ की संपत्ति पकड़ में आने के बाद विजिलेंस ने शासन से अनुमति मांगी थी। विजिलेंस ने अनुमति मिलते ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वित्तीय घोटाले में हाईकोर्ट से मिश्रा की जमानत याचिका नामंजूर हो चुकी है।

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