पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन।

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। निधन से पहले सुषमा ने एक ट्वीट में कश्मीर से अनुच्छेद ३७० हटाए जाने पर प्रधानमंत्री को बधाई दी थी। ट्वीट में उन्होंने लिखा था, जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा कर रही थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुषमा स्वराज जी का निधन मेरे लिए निजी क्षति है।
सुषमा का पार्थिव शरीर एम्स से उनके घर ले जाया गया।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि बुधवार दोपहर १२ बजे से ३ बजे तक सुषमा के पार्थिव शरीर को भाजपा मुख्यालय में रखा जाएगा।
सुषमा ने अपना सबसे पहला चुनाव १९७७ में लड़ा। तब वे मात्र २५ साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।

१९९८ में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

९० के दशक में सुषमा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। १९९८ में उन्होंने अटलजी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
सुषमास्वराज २००९ और २०१४  में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। २०१४ से २०१९तक वे विदेश मंत्री रहीं और दुनियाभर में भारतीयों को उन्होंने मदद मुहैया कराई। उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते २०१९ का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। भाजपा की जीत के बाद माना जा रहा था कि वे दोबारा विदेश मंत्री बनेंगी लेकिन उन्होंने खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया ऐसा माना जाता है।

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