मुंबई में 1000 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ 4 गिरफ्तार,2 मिलीग्राम मात्रा ले सकती है जान

मुंबई में 1000 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ 4 गिरफ्तार

महाराष्ट्र पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने  मुंबई में फेंटानिल नाम की प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है।बताया जा रहा है कि इस ड्रग की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 हजार करोड़ रुपये है। फेंटानिल इतनी खतरनाक है कि इसकी महज 0.002 ग्राम (2 मिलीग्राम) मात्रा ही किसी की जान ले सकती है। आरोपी इसे बेचने की फिराक में विदेश जाने की तैयारी में थे, लेकिन इसके पहले ही वो एंटी-नारकोटिक्स के हत्थे चढ़ गए।

नारकोटिक्स विभाग के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में सलीम बोला(52), घनश्याम सरोज (43), चंद्रमणि तिवारी (41) और संदीप तिवारी हैं। ये सभी आरोपी ड्रग्स को दूसरे देशों में बेचने की फिराक में थे। फेंटानिल को आरोपियों ने ड्रम में छिपा रखा था। बताया जाता है कि फेंटानिल इतनी खतरनाक है कि इसकी महज 0.002 ग्राम (2 मिलीग्राम) मात्रा ही किसी की जान ले सकती है। इसका इस्तेमाल पेन किलर बनाने में भी होता है। यूरोप और यूएस में म्याऊ-म्याऊ और एमकैट ड्रग से भी इसे खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा इसे चाइना वाइट, क्रश, डांस फीवर, चाइना गर्ल अपाचे, टांगो कैश, चाइना टाउन, फ्रेंड फीवर, ग्रेट बियर और मर्डर के नाम से भी जाना जाता है।फेंटानाइल का इस्तेमाल खासतौर से कैंसर का इलाज करने के लिए होता है लेकिन इसे गैरकानूनी तरीकों से लैब में रिक्रिएशनल ड्रग की बिक्री के लिए बनाया जाता है। इसे कोकिन और हेरोइन के साथ मिलाया जाता है या फिर इनके विकल्प के तौर पर उपयोग किया जाता है। अमेरिका में इस नशे का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। हर साल वहां फेंटानाइल के ओवरडोज के कारण हजारों लोगों की मौत होती है।
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एक अधिकारी ने कहा, ‘अपने गुप्तचर की सूचना की सत्यता की पुष्टि के बाद हमने सुभाषनगर में जाल बिछाया। जहां से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।’ पकड़े गए आरोपियों मे से डोला को पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग से संबंधित मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इस मामले में वह वर्तमान में ट्रायल का सामना कर रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि फेंटानिल ड्रग गुजरात और महाराष्ट्र बॉर्डर पर बनता है। वापी, पालघर और उमरगांव में इसे खुफिया तरीके से तैयार किया जाता है। भारत से इसकी सप्लाई इतने बड़े पैमाने पर होती है कि अमेरिका ने भारत को चिट्ठी लिखकर इस तरह के नशीले पदार्थों पर रोक लगाने तक की बात कही है। क्योंकि अमेरिका में 2016 में इसके ओवरडोज से 20 हजार और 2017 में 29 हजार लोगों की जान गई थी।

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