उत्तराखंड में अनाथ बच्चों को 5%आरक्षण का प्रावधान ,धरातल पर कैसे मिलेगा लाभ?

उत्तराखंड सरकार ने गुरूवार को कैबिनेट की बैठक में अनाथों को नौकरियों में 5%आरक्षण का प्रावधान किया है। और यह दावा किया है कि सामाजिक समानता की इस पहल से लाखों अनाथ बच्चों को जिनका इस दुनिया में कोई नहीं नौकरियों के उचित मौके मिलेगे और वे अपना भविष्य संवार सकेगे। लेकिन सवाल यह उठता है कि यह योजना धरातल पर किस तरह खरी उतरेगी। सरकार के दावें मौजूदा हालात को देखते हुए  हवाई नजर आ रहे है।

गौरतलब है कि प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस सत्ता में रही हो बेरोजगारी प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या रही है। किसी भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। यह बात सूचना के अधिकार में सामने आई है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, श्रम और रोजगार मंत्रालय उत्तराखंड के समस्त जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी जिलों में अभी तक 5 लाख से अधिक पुरूष और 3 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत बेरोजगार हैं। सूचना अधिकार के माध्यम से पता चला कि सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत कुल 8,69,762 युवा बेरोज़गार हैं।यह तो सरकारी आंकड़ों में पंजीकृत बेरोजगार है जिनका सरकार के पास आंकड़ा है। इसके अलावा सैकड़ों ऐसे बेरोजगार होंगे जो कि पंजीकृत नहीं है।

युवाओं की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज 

अब सवाल यह उठता है कि सरकार जब प्रदेश में नौकरीयां ही नहीं लाखों युवा भटक रहे है, तो ऐसे में अनाथ बच्चों को नौकरियों के लिए आरक्षण का प्रावधान उनके किस काम का। मौजूदा हालात की बात की जाए तो प्रदेश की ड़बल इंजन सरकार ने साल 2018 को रोजगार वर्ष घोषित किया था लेकिन धरातल की बात की जाए तो लाखों युवा रोजगार के लिए प्रदर्शन करते नजर आए। युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज  किया जिसमें सैकड़ो युवा घायल हो गए। युवा आज भी अपने हक के लिए लड़ रहे है।

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विभागों में रिक्त पदों की असलियत 

  • 1218 पद फॉरेस्ट गार्ड जिसमें उस बेतुके स्टे को खारिज नहीं कर पाए जबकि हाईकोर्ट कह चुका है कि बिना पेपर दिए कोई नियमित नियुक्ति नहीं होगी और एक बार स्टे खारिज होने की स्थिति आयी तो तुरंत इनके तीन तीन विभाग यह कह गए कि हम फिजिकल नहीं करा सकते।
  • 400 पद vdo और vpdo तीन तीन बार शैक्षिक योग्यता बदलने के बाद तय नहीं कर सके कि होगा क्या।
  • 1000 पद पटवारी के अभी तक पद ही सृजित ना हो सके।
  • 700 पद चकबंदी लेखपाल का पता नहीं क्या हुआ।
  • 1000 पद पुलिस के RTI से पता चला है की पुलिस में अभी कोई भी पद खाली नहीं है जब तक विभागीय प्रमोशन नहीं होते।
  • 1400 पद कनिष्ठ सहायक और एल टी के है।
  • आबकारी व प्रवर्तन सिपाही फिजिकल रामभरोसे है।

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