उत्तराखंड का एक ऐसा सरकारी स्कूल जहां छोटे-छोटे बच्चे बोलते है धाराप्रवाह इंग्लिश, देखें वीडियो

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उत्तराखंड  में जहाँ आज कई सरकारी विद्यालय बंद हो चुके है वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय अल्मोड़ा के बजेला में एक ऐसा स्कूल है जहां प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी पढ़ना चाहते है। यहां के बच्चे न सिर्फ धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते है बल्कि एक नए अंदाज में अपने विघालय का प्रचार-प्रसार कर रहे है। जिसमें वह अपने विघालय की खासियत बता रहे है।

निजी स्कूलों के विपरीत, जो विज्ञापन पर एक बड़ी राशि खर्च कर सकते हैं, सरकारी प्राथमिक स्कूलों के पास सीमित संसाधन हैं। ऐसे स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के लिए नामांकन में सुधार करना एकमात्र प्रचारक है। सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए सरकारी मिशन का समर्थन करते हुए, प्राथमिक विद्यालय बाजेला, धोलादेवी ब्लॉक के छात्र लोगों को समझा रहे हैं और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बता रहे हैं। आने वाले सत्र 2019-2020 में सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने की अपील कर रहे है। यह एक अनोखी पहल है।बता दें कि प्रदेश के अल्मोड़ा जिले के विकासखंड धौलादेवी ,बजेला में अति दुर्गम क्षेत्र मे संपर्क मार्ग से 6km की पैदल दूरी पर स्थित  राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला में छात्र संख्या बढ़ रही है। विद्यालय के कक्षा 1 के बच्चें भी धारा प्रवाह से हिंदी और अंग्रेजी पढ़ते है तथा गणित की सभी मुख्य संक्रियाएं कर रहें है,बच्चों का शैक्षिक स्तर किसी भी प्रकार से अन्य प्रकार (पब्लिक स्कूल) के विद्यालयों के छात्रों से कम नही है। विघालय में चार भाषाओं मे प्रार्थना सभा होती है।

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बच्चो मे वैज्ञानिक अभिरुचि जागृत करने के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। दीवार पत्रिका, कॉमिक निर्माण,मेरी दीवार, मास्क निर्माण ,पपेट शो, बॉक्स फ़ाइल निर्माण, रोल प्ले, कहानी शिक्षण , फसक , भ्रमण , बाल अखबार, स्वरचित कहानियां, स्वरचित कविताएं ,किस्सा गोई ,कहानी रूपांतरण , चित्रों से कहानी निर्माण, आओ बच्चों मुखोटे लगाये, कबाड़ से जुगाड़, MAD का प्रयोग ,भाषा गत विषमताओं हेतु मौलिक कार्य आदि उनके कुछ नवाचार है।विद्यालय मे किचन गार्डन का निर्माण है जहाँ सभी प्रकार की सब्जियां उगाई जाती है व बच्चों के मध्याह्न भोजन हेतु प्रयोग की जाती है।

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