उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा, खाई में गिरा बारातियों से भरा वाहन, मची चीख- पुकार, मातम में बदली खुशियां

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसे थमने का नाम  नहीं ले रहे है। ताजा मामला चमोली जिले के गोपेश्वर से सामने आया है । यहां एक बारात का वाहन गहरी खाई में गिर गया जिससे शादी की खुशियां मातम में बदल गई। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकी सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।  स्थानीय लोगों और राहत बचाव टीम ने मृतक और घायलों को खाई से निकाला।

जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार दोपहर सवा दो बजे का हुआ है। यहां घाट विकास खंड के मटई गांव से गोपेश्वर आ रहा एक बारात का वाहन बाईपास मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।वाहन में नौ लोग सवार थे। जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतक राय सिंह कठैत (65) और देवी प्रसाद नौटियाल (70) ग्राम मटई के निवासी हैं।अन्य घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी। स्थानीय लोगों और राहत बचाव टीम ने मृतक और घायलों को खाई से निकाला। इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई।

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गौरतलब है की प्रदेश में दर्दनाक सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे है। प्रदेश के पर्वतीय जनपदों में हुए भीषण सड़क हादसे समूचे तंत्र और समाज का ध्यान खींचते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि 80 फीसदी दुर्घटनाएं चार जनपदों में होती हैं। इनमें देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद शामिल हैं। ये हादसे क्यों नहीं रुकते? उत्तराखंड सरकार पहाड़ में आए दिन होने वाले सड़क हादसों से सबक क्यों नहीं लेती? सबक लेती है तो फिर जांच आयोग से आगे बढ़कर कार्रवाई क्यों नहीं करती? ये कुछ बड़े सवाल हर किसे के जहन में हैं।उत्तराखंड के स्थानीय निवासियों की माने तो जिस तरह से प्राइवेट अनफिट वाहन प्रदेश की सडकों पर दौड रहे हैं, उससे प्रदेश में सड़क हादसों में इजाफा देखने को मिल रहा है।

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