पूर्व संगठन मंत्री प्रदीप जोशी पर लगे आरोपों की तह तक जाएगी भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने उज्जैन के संगठन मंत्री प्रदीप जोशी को हटा तो दिया, लेकिन अब पार्टी उन पर लगे आरोपों की तह तक जाएगी। पार्टी अब संगठन मंत्रियों के लिए एक आचार संहिता बनाने पर विचार कर रही है, ताकि संगठन के अहम पदों पर बैठे नेताओं पर अनैतिकता के छीटें न आ सकें।

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जोशी के वीडियो वायरल होने से भाजपा की साख को धक्का लगा है। कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि संगठन मंत्री का पद पार्टी में बहुत सम्मान से देखा जाता है और ऐसे मामले सामने आने से लोगों का भरोसा टूटेगा।

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने झाबुआ के जिलाध्यक्ष को भी एक विवादास्पद वीडियो वायरल होने के बाद हटाया था। इस वीडियो में एक महिला भाजपा जिलाध्यक्ष को शराब पिलाते हुए दिख रही थी। मंदसौर में भी लगभग आठ साल पहले तत्कालीन जिलाध्यक्ष का वीडियो वायरल होने के बाद हटा दिया गया था।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि उज्जैन की घटना के पीछे पार्टी के ही कुछ नेताओं का हाथ बताया जा रहा है। गुटबाजी के चलते भाजपा के लोगों ने इस मामले का हवा दी थी। सारे मामले की जांच कराकर पार्टी ऐसे लोगों को भी चिन्हित करना चाहती है।

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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने सोमवार रात ही उज्जैन के संगठन मंत्री प्रदीप जोशी के मामले में जांच कराने की बात कही थी।

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