दूनिया के हालात बद्दतर, रोटी के लिए हुआ खुनी संर्घष,19 लोगों की मौत, 219 लोग घायल

दूनिया किस ओर जा रही है  इस बात का अंदाजा सुडान के हालातो से लगाया जा सकता है। अफ्रीकी देश सूडान में भुखमरी एक बड़ी समस्या है। सरकार द्वारा रोटी तीन गुना महंगी करने के खिलाफ हाे रहे प्रदर्शनों में पिछले एक हफ्ते में 19 लोगों की मौत हुई है। 219 लोग जख्मी हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग इस सरकारी फैसले के विरोध में हैं। सरकार ने गुरुवार को बताया कि मरने वालों में दो सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

दाने-दाने को तरस रहे गरीब अफ्रीकी देश सूडान में लोग रोटी को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं और लगातार पुलिस के साथ उनकी झड़पें हो रही है जिसमें अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।जबरदस्त गरीबी झेल रहे सूडान में लोग रोटी और ईंधन की कीमत बढ़ाए जाने से नाराज हैं। वहां की सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में रोटी की कीमत एक सूडानी पाउंड (0.02 डॉलर यानी करीब 1.41 रुपये) से बढ़ाकर तीन सूडानी पाउंड (0.063 डॉलर यानी 4.43 रुपये) करने की घोषणा की थी।सूडान में ईंधन की कीमत भी दोगुनी किए जाने से लोगों को बेहद गुस्से में है। प्रदर्शनकारी सूडान की राजधानी खार्तुम तक पहुंच गए जहां राष्ट्रपति भवन के पास भारी भीड़ एकत्र हो गई यहां दंगा-रोधी पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस अफ्रीकी देश में अधिक हिंसक प्रदर्शन अल-कदरीफ में हुए, जहां दंगा-रोधी पुलिस के साथ झड़प में 6 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यहां हालात को देखते हुए इमरजेंसी लगा दी गई है।

बता दें कि Rise in bread price protests कर रहे लोगों और सूडान की दंगा-रोधी पुलिस के बीच हुई झड़पों में 19 लोग मारे गए जबकि 219 लोग घायल हो गए हैं। बढ़ते विरोध-प्रदर्शन को अब पत्रकारों का भी समर्थन मिल गया है और उनके समर्थन में पत्रकार 3 दिन के हड़ताल पर चले गए हैं ।प्रदर्शनकारी राजधानी खारतूम और अन्य शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। नेटवर्क ने ऐलान किया कि हम हिंसा के खिलाफ 27 दिसंबर से 3 दिन के हड़ताल पर जा रहे हैं।एक पत्रकार को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है जिसे जल्द छोड़ा जा सकता है। रिपोर्ट अनुसार जब से सुड़ान में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ है तब से पुलिस सूडानी कम्युनिस्ट पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।

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सीरिया और यमन मे सबसे बड़ा मानवीय संकट

गौरतलब है कि अक्टूबर, 2017 में अमेरिका की ओर से इकोनॉमिक प्रतिबंध हटाने के बावजूद सूडान में आर्थिक संकट बना हुआ है। वह पर मुद्रास्फीति काफी बढ़ चुकी है और फॉरेन एक्सचेंज का गंभीर संकट बना हुआ है। मुद्रास्फीति 70 फीसदी तक पहुंच चुकी है और सूडानी पॉउंड की कीमत काफी नीचे गिर चुकी है। कई शहरों में रोटी की भारी कमी है और उसकी कीमत काफी बढ़ चुकी है। साथ ही तेल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो चुकी है। वहीं सीरिया और यमन मे आबादी दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकट का सामना कर रही है। यमन मे 2015 से करीब 10,000 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.4 करोड़ यमनी भुखमरी के कगार पर हैं।

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