खनन घोटाले में बुलंदशहर जिलाधिकारी के यहां सीबीआइ का छापा

अवैध खनन, धन उगाही और अन्य बड़े अपराधों में लिप्त लोगों को यहां सीबीआइ की कार्रवाई आज भी जारी है। बुधवार सुबह सीबीआइ की टीमों ने यूपी के बुलंदशहर जिलाधिकारी अभय सिंह के यहां सीबीआई ने मारा छापा। अवैध खनन के संबंध में छापेमारी की बात सामने आ रही है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर की सीबीआइ टीम ने मुरादाबाद में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक शैलेश रंजन सिंह के घर बुधवार सुबह छापा मारा। बताया जा रहा है कि शैलेश रंजन की इंदौर में तैनाती के दौरान किसी मामले में जांच चल रही है।

बुलंदशह, डीएम अभय सिंह के आवास पर बुधवार सुबह सीबीआइ ने छापा मारा खनन घोटाले के संबंध में छापेमारी की बात सामने आ रही है। सुबह दो वाहनों में सवार होकर पहुंची सीबीआई की टीम। डीएम आवास पर मीडिया कर्मियों व सरकारी अफसरों की एंट्री पर सीबीआइ ने रोक लगा दी है। गेट बंद कर दिया गया है। निजी कर्मचारियों को भी आवास से बाहर निकाल दिया गया है। गाजियाबाद सीबीआइ की टीम बताई जा रही है। 20 से अधिक सदस्य टीम में शामिल हैं।

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डीएम आवास पर पिछले एक घंटे से कार्रवाई चल रही है। डीएम अभय सिंह आवास के अंदर मौजूद हैं। फतेहपुर में डीएम रहते खनन पट्टों की बंदरबांट में अभय सिंह से सीबीआइ पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि सपा सरकार में डीएम फतेहपुर रहे अभय सिंह से खनन घोटाले के तार जुड़े हैं। डीएम अभय सिंह प्रतापगढ़ के मूल निवासी हैं और करीब पांच माह पहले इनकी तैनाती बुलंदशहर में हुई थी। इसी मामले में कुछ दिन पहले बुलंदशहर की पूर्व डीएम रहीं बी. चंद्रकला के यहां भी छापेमारी हुई थी।

बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय सिंह के आवास पर सीबीआइ की टीम की जांच जारी है। सुबह करीब सात बजे टीम यहां पहुंची और आवास के दरवाजे बंद कर जांच शुरू की। करीब 11 बजे आवास का दरवाजा खुला और एक गाड़ी बाहर निकली। मीडिया से बिना बात करे ही गाड़ी तेजी से निकल गई। गाड़ी के आवास से जाने को लेकर तमाम चर्चाएं भी शुरू हुई। हालांकि कुछ देर बाद गाड़ी फिर वापस आवास के अंदर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में नोट गिनने वाली मशीन भी थी। गाड़ी के अंदर जाते ही फिर से आवास के गेट बंद कर दिए गए। चर्चा है कि डीएम आवास से जांच के दौरान टीम को बड़ी संख्या में नकदी बरामद हुई है, जिसे गिनने के लिए मशीन मंगाई गई है।

सूत्र बताते हैं कि गंगा के किनारे रामघाट में बालू के खनन के लिए अमरोहा निवासी एक ठेकेदार को खनन के लिए पट्टे का आंवटन किया गया था। एडीएम वित्त के अनुसार पट्टा जिले की पूर्व डीएम रही रोशन जैकब के कार्यकाल में हुआ था। हालांकि कई बार इस पट्टे पर नियमों का ताक पर रखकर खनन पिछले काफी समय से जारी है। इसकी शिकायत खुद सांसद डॉ. भोला सिंह ने भी वर्तमान डीएम अभय सिंह से कर जांच कराने के लिए कहा था, लेकिन डीएम ने कोई जांच नहीं कराई। अभी भी पट्टे पर खनन का काम जारी है। चर्चा है कि नियमों के खिलाफ किए जा रहे खनन की अनुमति के बदले मोटी रकम अधिकारियों को दी गई थी।

लोकसभा चुनाव से पहले 17 फरवरी को अभय सिंह ने डीएम का पदभार संभाला और अपनी कार्यशैली के लिए सुर्खियों में आ गए। पहले विकास भवन, तहसील परिसर आदि को औचक निरीक्षण कर करीब 70 अधिकारी और कर्मचारियों पर वेतन काटने आदि की कार्रवाई की। इसके बाद लगातार जिला अस्पताल का निरीक्षण करने और सीएमओ, एसीएमओ आदि को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने के लिए अभय सिंह चर्चाओं में रहे। इसके अलावा सबसे अधिक उनका नाम एक के बाद एक शस्त्र लाइसेंस जारी करने को लेकर भी चर्चाओं में रहा। सूत्र बताते हैं कि पिछले एक माह में ही तीन सौ से अधिक नए शस्त्र लाइसेंस डीएम द्वारा जारी किए गए।

सीबीआइ के एक अफसर ने गार्ड को सूचना करने से मना कर दिया। इसके बाद टीम के अफसर लिफ्ट से जीएम के फ्लैट में चले गए। घंटी बजी तो सामने जीएम ने ही फ्लैट खोला। आठ बजे करीब जब काम करने वाली बाई अंदर पहुंची तो उसको बाहर से रोक दिया गया। कुछ देर बाद बैंक से चालक पहुंचा, उसको वहीं बैठा दिया गया। फ्लैट को अंदर से बंद कर सीबीआइ टीम पूछताछ करती रही। सीबीआइ छापे की जानकारी मिलते ही अपार्टमेंट में खलबली मच गई। निजी कार चालक वीरेंद्र सिंह भी फ्लैट का दरवाजा न खुलने पर वापस लौट गया। सीबीआइ टीम दोपहर 12:30 बजे तक फ्लैट के ही अंदर थी। दूध वाले तक को भी अंदर इजाजत नहीं मिली।

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इस संबंध में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के चेयरमैन अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि किस मामले में पूछताछ हो रही है, कहां की टीम है। यह जानकारी में नहीं है। इतना जरूर पता चला है कि शैलेश रंजन की मध्य प्रदेश के इंदौर में तैनाती के दौरान किसी मामले में जांच चल रही है। प्रथमा बैंक का हाल ही में नाम बदलकर प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक हो गया है, पंजाब नेशनल बैंक इसकी प्रायोजक बैंक बनी है।

मंगलवार को सीबीआइ की टीमों ने बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रमुख सचिव तथा प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग रहे नेतराम (सेवानिवृत्त आइएएस) के गोमतीनगर स्थित आवास तथा बसपा सरकार में चीनी मिल निगम संघ के एमडी रहे विनय प्रिय दुबे (सेवानिवृत्त आइएएस) के अलीगंज स्थित घर समेत 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआइ ने लखनऊ के अलावा सहारनपुर, गाजियाबाद व दिल्ली में भी छापेमारी की। सीबीआइ ने करोड़ों रुपये की संपत्तियों सहित घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिये हैं। इससे पूर्व आयकर विभाग ने लोकसभा चुनाव से पहले नेतराम व उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी कर 225 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज कब्जे में लिये थे।

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