चमोली में बारिश ने जमकर कहर बरपाया छ: कि मौत।

सोमवार तड़के लग्भग चार बजे लांखी गांव के पास की पहाड़ी पर बादल फटने से शंकर लाल का मकान मलबे की चपेट में आ गया जिससे शंकर लाल की बेटियां आरती आठ वर्ष व अंजली छ: वर्ष और उनका रिश्तेदार अजय पुत्र सुरेंद्र लाल निवासी नौरख पीपलकोटी मलबे में दब गए।

चमोली के प्रभारी जिलाधिकारी हंसादत्त पांडे ने कहा कि बांजबगड़ गांव में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

चमोली के घाट क्षेत्र में करीब तेरह घंटे तक हुई बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। लांखी बांजबगड़ और ऑली गांव में बादल फटने से मां और तीन बच्चों समेत छ: लोगों की मौत हो गई।

गांवों के पैदल रास्ते पेयजल और बिजली की लाइनें तहस नहस हो गईं।

चुफलागाड़ का जलस्तर बढ़ने से घाट बाजार में चार दुकानें नदी में समा गई। रविवार देर शाम सात बजे से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह थमी। एनडीआरएफए एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला।
तेज बारिश में ही मलबे को हटाना शुरू किया।

एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और सुबह नौ बजे तक तीनों शव मलबे से निकाल दिए गए। इसी दौरान बांजबगड़ गांव में भी आवासीय मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। बादल फटने से चुफलागाड़ में उफान आ गया
मकान का एक हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबने कि वजह से अब्बल सिंह की पत्नी रूपा देवी उम्र33 और 9 माह की बेटी मलबे में दब गईं।

ऑली गांव में भी एक आवासीय मकान के पीछे भूस्खलन होने के कारण मलबे में दबने से 20 साल कि युवति की मौत हो गई। घटना में 40 मवेशी भी मलबे में दफन हो गए। बांजबगड़ क्षेत्र में बादल फटने से चुफलागाड़ में उफान आ गया।
नदी के कटाव से घाट बाजार में शंभू प्रसाद मैंदोली कुंवर सिंह दिनेश प्रसाद और दुकानें बाढ़ में समा गई।

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