चार धाम यात्रा चरम पर, खल रही बसों की कमी

चार धाम यात्रा चरम पर, खल रही बसों की कमी

ऋषिकेश। चार धाम यात्रा के लिए जैसा अनुमान लगाया जा रहा था। वैसा ही देखने को मिल रहा है। इस साल चार धाम आने वाले यात्रियों की संख्या में खासा इजाफा हो सकता है और वह हो भी रहा है। लेकिन इसके लिए पुख्ता कहे जाने वाले इंतजामों की पोल खुलने लगी है। ऋषिकेश में बसों के लिए यात्रियों को दो—दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
विदित रहे कि केदारनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बदरीनाथ् धाम के कपाट खुलने पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दर्शन करने आये थे, उनके आने से लोगों तक यह संदेश गया था कि अब चार धाम यात्रा मार्ग में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
इसके बाद यात्रा पर आने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चारधाम यात्रा के जोर पकड़ने के साथ ही यात्रियों के लिए बसों का टोटा शुरू हो गया। बसें न मिलने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

इन दिनों चार धाम यात्रा चरम पर है। यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में हजारों यात्री पहुंच रहे हैं। वहीं, बसों की कमी के चलते यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई।

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की ओर से एक दिन में लगभग 125 बसें विभिन्न धामों के लिए भेजी जा रही हैं। इसके बावजूद यात्रा बस अड्डे में करीब 40 से 50 बसों के यात्रियों को यहां रुकना पड़ता है।

बसों की कमी के चलते परिवहन विभाग ने 10 बसें कुमाऊं मंडल से मंगाई थी, लेकिन अभी तक मात्र चार बस यहां पहुंचीं। फोटो मैट्रिक रजिस्ट्रेशन कार्यालय में करीब 2000 श्रद्धालुओं का सुबह यात्रा के लिए पंजीकरण किया गया। यात्रा अड्डे में जहां विभिन्न प्रांतों से आए यात्री परेशान हैं, वहीं प्रशासन का कोई भी अधिकारी यहां झांकने तक नहीं पहुंचा।

अगर समय रहते बसों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो, यह बैकलॉग दिनों दिन बढ़ता जायेगा और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिसका खामियाजा चार धाम यात्रा मार्ग पर व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों को भी भुगतना पड़ेगा।

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