उत्तराखंडः हैवान पति ने पत्नी के कुल्हाड़ी से टूकड़े कर जलाया, पूरी रात कूड़े के ढेर में छिपकर बैठा

उत्तराखंड के बेहद खौफनाक मामला नैनीताल का है। यहां शहनाज हत्याकांड में पति मुसर्रत ने कुल्हाड़ी से पहले पत्नी को मौत के घाट उतारा। शव को टुकड़े कर ट्रचिंग ग्राउंड पहुंचा। जहां शव के पूरी तरह जलने के इंतिजार में वह पूरी रात कूड़े के ढेर में छिपकर बैठा रहा। इतना ही नहीं मामले को छुपाने के लिए पुलिस को पत्नी के गुमशुदा होंने की खबर देकर गुमराह भी करता। कोर्ट ने आरोपित पति को आज उम्रकेद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार का जुर्माना भी लगाया है।

दरअसल,बनभूलपुरा निवासी साबरा बेगम ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी बेटी शहनाज अपने दो बच्चों के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। हल्द्वानी में बेटी व उसके मासूम बच्चों के मिलने की आस में मां साबरा गुमशुदगी दर्ज होने के बाद अक्सर बड़ी उम्मीद के साथ थाने पहुंचती थी।साबरा ने मुसर्रत पर बेटी व उसके बच्चों को गायब करने का शक भी जाहिर किया था। जिसके बाद 22 नवंबर को पुलिस ने मुसर्रत को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने पत्‍‌नी को मारने की बात कबूली।

मासूम बच्चों को सड़क किनारे छोड़कर फरार, खुद सुनाई खौफनाक कहानी

आरोपी ने बताया कि बहला-फुसलाकर वह बच्चों समेत शहनाज को घर ले आया था। छह अगस्त की रात को उसने कुल्हाड़ी से शहनाज के सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। फिर शव के टूकड़े कर भाई इशरत व पड़ोसी मजहर के साथ मिलकर बोरे में भरकर ट्रंचिंग ग्राउंड ले गया। जहां पेट्रोल छिड़कने के बाद आग लगा दी। और पूरी रात कूड़े के ढेर में छिपकर बैठा रहा। अगले दिन दिल्ली आनंद विहार बस अड्डे पर बेटे अल्फेज को छोड़ निकल गया। और बेटी अल्फीशा को हापुड़ में सड़क किनारे खड़ा कर भाग निकला। छोटे होने होने के कारण वह मां-बाप के बारे में एनजीओ को कुछ बता नहीं सकें।

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ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश

आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई और 82 दिन तक गुमराह करता। लेकिन बाद वह पुलिस के जाल में फंस गया। शहनाज व पति के बीच शादी के बाद से बनती थी। मुसर्रत पहले से शादीशुदा था। जून 2013 में शहनाज से हुई शादी अक्टूबर में टूट गई। रजिस्टर्ड तलाकनामे की शर्त के मुताबिक दो लाख रुपये भरण-पोषण के लिए दिए जाने थे। 50 हजार शहनाज को मिले, लेकिन डेढ़ लाख बकाया को लेकर मुसर्रत लगातार बहाने बनाता रहा। जबकि शहनाज अक्सर तकाजा करती थी। पैसे देने से बचने के लिए हत्या की पूरी प्लानिंग रची गई। मुसर्रत की निशानदेही पर मृतका की हड्डिया बरामद हुई। इसके अलावा दोनों बच्चे भी मिले। शहनाज की हत्या में मामले में तमाम साक्ष्य मुसर्रत के खिलाफ थे। जिस वजह से उसे आजीवन कारावास की सजा मिली। साथ ही दोनो बच्चों को नानी साबरा के हवाले कर दिया गया है।

 

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