पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा , घर में पत्नी समेत CPM कार्यकर्ता को जिंदा जलाया , 20 घायल

CPI (M) activist burnt alive in West Bengal panchayat elections, including wife in house, 20 injured

पश्चिम बंगाल में आज सुबह से पंचायत चुनाव शुरू हो गए हैं। ये मतदान सुबह 7 बजे चल रहा है जो कि शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा की खबरें आईं है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार कूच बिहार में हिंसा में 20 लोग घायल हो गये हैं। इनका सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।बताया जा रहा है की पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में पिछली रात को सीपीएम का एक कार्यकर्ता और उसकी पत्नी अपने घर में तब जिंदा जल गई, जब रात को उसके घर में आग लगा दी गई।

राज्य निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि चुनाव के लिए सुरक्षा के सभी इंताजम पुख्ता हैं और लगभग 71,500 सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। लेकिन हिंसा की लगातार घटनाएं सरकार के दावे पर सवाल खड़ी कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब वे वोट देने के लिए मतदान केंद्र गये तो टीएमसी से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने उनपर हमला किया। घायलों का एमजेएन अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।आपको बता दे की पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में पिछली रात को सीपीएम का एक कार्यकर्ता और उसकी पत्नी अपने घर में तब जिंदा जल गई, जब रात को उसके घर में आग लगा दी गई। सीपीएम का आरोप है कि इस हमले के पीछे भी टीएमसी का हाथ है। इस घटना के बाद स्थानीय लोग खौफ में हैं। आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पश्चिम बंगाल के बिलकंडा में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता पर हमला हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इस शख्स पर चाकुओं से हमला किया गया है, इसके पीछे टीएमसी कार्यकर्ताओं का हाथ है। एक अस्पताल में इस शख्स का इलाज चल रहा है।

आसनसोल में बमबारी

आसनसोल जिले के रानीगंज में बांसरा इलाके से बमबारी की खबर है। यहां वोटिंग शुरू होने से पहले ही बम विस्फोट की घटना हुई, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, ये किसकी हरकत है इसका अभी पता नहीं लग पाया है।

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20 जिलों में चुनाव

राज्य में 621 जिला परिषदों , 6,157 पंचायत समितियों और 31827 ग्राम पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं।चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और असम, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है इस बार पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार, सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा, कांग्रेस तथा वाममोर्चा के बीच एक अभूतपूर्व कानूनी लड़ाई देखने को मिली।बताते चले कि इस चुनाव की मतगणना 17 मई को होगी। 2019 में बोने वाले लोकसभा चुनावों के पहले ये सबसे बड़ा और आखिरी चुनावा है। इस चुनाव के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई थी जिसे बाद आज इसे कड़ी सुरक्षा में शुरू किया गया। इस चुनाव के लिए 1500 सुरक्षकर्मी तैनात किए गए हैं। पंचायत चुनाव को लेकर भारी प्रचार क्या गया था। नामांकन के समय काफी हिंसा हुई थी और विपक्ष ने इसका आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा था। वहीं इन आरोपों के बीच पार्टी का य कहना था कि विपक्ष चुनाव से बचने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है।

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