देहरादून में नगर निगम करेगा क्षेत्रानुसार हाउस टैक्स में वृद्धि; नए क्षेत्रों में मिलेगी छूट

Decision to include 60 villages in Dehradun Municipal Corporation

देहरादून नगर निगम क्षेत्र में हाउस टैक्स की दरों में वृद्धि को लेकर पिछले एक माह से चल रहा घमासान अब रुकने के आसार हैं। अभी तक यह प्रस्ताव था कि निगम सीधे 40 फीसद की बढ़ोत्तरी करेगा, लेकिन आपत्तियों की लंबी लिस्ट व भारी जन-विरोध देखते हुए निगम प्रशासन ने ‘जैसा इलाका, वैसा टैक्स’ की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है।

नगर निगम अधिनियम के अनुसार, निगम प्रशासन को हर दो साल में हाउस टैक्स का दोबारा से निर्धारण करना होता है। चूंकि, नई दरें वर्ष 2014 में लागू की गई थी, लिहाजा निगम को वर्ष 2016 में नई दरें लागू करनी थी। लेकिन, महापौर ने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए दो साल के लिए पुरानी दरों को ही लागू कर दिया। अब चार साल बाद नई दरें लागू करने की कसरत चल रही है। जिसके लिए निगम में पिछले एक माह से घमासान जारी है। अब निगम विरोध के बीच टैक्स में वृद्धि करने के लिए नया नियम लाने कि तैयारी कर है। जिसके अनुसार जो लोग पॉश इलाकों में रहते हैं, वहां हाउस टैक्स की दरें ज्यादा होंगी और जहां कम सुविधा है, वहां टैक्स की दरों में कम वृद्धि होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद निगम में शामिल नए इलाकों को अगले दस साल तक टैक्स माफी का प्रस्ताव निगम बोर्ड भी मंजूर कर चुका है। इन इलाकों पर टैक्स में वृद्धि का कोई असर नहीं पड़ेगा।
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भवनों की होगी सैटेलाइट मैपिंग,ऑनलाइन टैक्स भुगतान प्रणाली भी होगी लागू
आपको बता दें कि शहरी क्षेत्र में हाउस टैक्स में भवनों के सटीक आंकलन के लिए निगम प्रशासन ने जीआइएस मैपिंग को मंजूरी दी गई। नगर आयुक्त ने बताया कि सैटेलाइट मैपिंग की वजह से मानव-शक्ति का कम प्रयोग होगा और टैक्स में वृद्धि होगी। ऑनलाइन टैक्स भुगतान प्रणाली भी जल्द लागू की जाएगी। जीआइएस मैपिंग से निगम को ऐसे भवनों का पता भी चलेगा जहां हाउस टैक्स नहीं मिल रहा, साथ ही उनकी सूचना भी मिल जाएगी जो लोग सेल्फ असेसमेंट में चोरी करते हैं। कईं लोग भवन के असेसमेंट में तथ्य छुपा लेते हैं। जैसे ये लोग भवन के बहुमंजिल होने व ज्यादा निर्माण को सेल्फ असेसमेंट में नहीं दर्शाते, मगर जीआइएस मैपिंग में यह पकड़ में आ जाएगा। निगम ऐसे लोगों पर जुर्माना भी लगाएगा।

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