देहरादून: अचानक नारी निकेतन पहुंची राज्‍यपाल,एसडीएम और सीएमओ को लगाई फटकार

Dehradun: Suddenly Nari Niketan reached the Governor, SDM and CMO rebuffed

देहरादून में सोमवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अचानक नारी निकेतन पहुंचकर नारी निकेतन पहुंची और व्‍यवस्‍थाओं का जायजा लिया। राज्यपाल के अचानक पहुंचने से निकेतन प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।इस दौरान राज्यपाल को वहां कई खामियां मिली। नारी निकेतन की हालत पर राज्‍यपाल ने नाराजगी जताई। इस पर उन्होेंने सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता और एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह को भी तलब कर फटकार लगाई। उन्होंने डीएम एसए मुरुगेशन और सीएमओ एसके गुप्‍ता को आदेश दिए कि हर माह उन्‍हें नारी निकेतन की व्‍यवस्‍थाओं पर रिपोर्ट दी जाए।

बता दें कि नारी निकेतन में व्यवस्थाओं में सुधार के अधिकारियों से लेकर मंत्री तक दावे कर चुके हैं। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। इस बार मामला हाल ही में नारी निकेतन में बीमार हुई 28 संवासिनियों से जुड़ा है। इसमें भी स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही है। भोजन और रहन-सहन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भोजन में उन्हें नियमानुसार पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है। अब जिला प्रोबेशन कार्यालय तक इस लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है।सोमवार को नारी निकेतन के औचक निरीक्षण को पहुंचीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को कई खामियां मिलीं। संवासिनियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके साथ ही स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी कमी पाई गई। जिसे लेकर राज्यपाल ने डीएम एसए मुरूगेशन व सीएमओ एसके गुप्ता को नारी निकेतन समेत अन्य बाल गृहों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
यह भी पढ़ेंः देहरादून:टैंपो में पत्नी का शव लेकर घूम रहा था युवक, फिर खुद पहुंच गया थाने और बताया सच

बता दें कि चार संवासिनियों की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नारी निकेतन में जाकर उपचार किया। हैरत की बात ये है कि नारी निकेतन की जिम्मेदारी संभाल रहा जिला प्रोबेशन विभाग मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि 28 नहीं, सिर्फ चार संवासिनियों की तबीयत खराब हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 28 संवासिनियां उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित होनी बताई हैं। बीमार संवासिनियों में चार मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।नारी निकेतन में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी संवासिनी के साथ दुष्कर्म व गर्भपात, पांच संवासिनियों का नारी निकेतन से भागने का प्रकरण, नारी एवं बाल गृह में बच्चों के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आ चुका है। हमेशा ही यहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं। हर बार प्रशासन और सरकार व्यवस्थाओं में सुधार के दावे करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से कोई न कोई खामी उजागर हो जाती है।

राज्यपाल ने परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख के लिए पुरुष सुपरवाइजर की तैनाती पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई बार नारी निकेतन में अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद लापरवाही चिंता का विषय है। राज्यपाल ने पुरुष सुपरवाइजर को तत्काल हटाकर महिला सुपरवाइजर की व्यवस्था करने के आदेश दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *