धरने पर बैठे 108 एंबुलेंस सेवा के पूर्व कर्मचारियों का गुस्सा फूटा

लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे 108 एंबुलेंस सेवा के पूर्व कर्मचारियों का गुस्सा गुरुवार को फूट गया। सचिवालय कूच के लिए निकले कर्मचारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की झड़प हो गई।

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जालंधर में दो कारों की भिंडित में दो महिलाओं समेत 5 की मौत  https://www.uttaravani.com/road-accident/

इसके बाद कर्मचारियो ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए। हंगामे के बाद आंदोलनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन वे सब गाड़ी से उतरकर भाग निकले। अब पुलिस, कर्मचारियों को पकड़कर दोबारा हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।

उधर, सचिवालय के नजदीक सेंट जोजेफ स्कूल की छुट्टी का समय भी हो गया है। इससे वहां बच्चों को लेने आए परिजनों को भी भीड़ का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अभी मामले को सुलटाने में लगी है।

बता दें कि उत्तराखंड में 108 सेवा के पूर्व कर्मचारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को ज्ञापन भेजकर इच्छा मृत्यु देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें हटा दिया गया। पिछले कई दिनों के आंदोलन के बावजूद सरकार उनके समायोजन में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

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हाल ही में पूर्व कर्मचारियों के समर्थन में कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने भी धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के साथ उपवास किया था। उनका कहना था कि 108 के पूर्व कर्मचारियों की मांग जायज है। सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए।

ये हैं मांगे–
– कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें नई कंपनी कैंप में समायोजित किया जाए।
– उन्हें पहले के जितना वेतन दिया जाए।
– जहां वे तैनात थे वहां पर ही तैनाती दी जाए।
– नई कंपनी में अनुभवहीन कर्मचारियों को भर्ती न किया जाए।
– नई कंपनी के साथ भी पहले के जैसा ही अनुबंध किया जाए।

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