भारत के इन क्षेत्रों में मिलेगा तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार , पढ़े पूरी खबर

Employment in more than three lakh people in these areas of India

देश में बेरोजगारी की मार झेल रहे लोगो के लिए खुशखबरी है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सौर और वायु ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य में तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। दरअसल 2022 तक देश में 175 गीगावट बिजली पैदा करने का उद्देश्य है। जिसके लिए कर्मियों की आवश्यकता होगी।

संगठन (आईएलओ) ने वैश्विक रोजगार बाजार की स्थिति पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में कदम बढ़ाने से लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। संयुक्तराष्ट्र की श्रम एजेंसी ने कहा कि 2030 तक दुनिया भर में 2.4 करोड़ नए पद सृजित होंगे लेकिन पर्यावरण अनुकूल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सही नीतियों के साथ-साथ श्रमिकों के लिए बेहतर सामाजिक सुरक्षा की जरुरत होगी। एजेंसी ने वैश्विक रोजगार व सामाजिक परिदृश्य 2018 रिपोर्ट में कहा कि भारत ने 2022 तक 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है जो कि उसके कुल उत्पादन का करीब आधा है।हालांकि एजेंसी ने ये भी कहा कि हरित अर्थव्यवस्था के लिए सही नीतियों का होना भी जरूरी है जो कि कर्मचारियों को एक बेहतर सामाजिक सुरक्षा का मौहाल उपलब्ध करवाएगी।

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रिपोर्ट में ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद एवं प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद के अनुमानों का भी हवाला दिया है जो कि सौर और वायु ऊर्जा कंपनियों के सर्वे को आधार बनाते हुए भारत में 2022 तक करीब तीन लाख कर्मचारियों को रोजगार देने की बात कह रहे हैं। इस बात का भी जिक्र रिपोर्ट में है कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की पवन ऊर्जा परियोजनाओं और सौर ऊर्जा के कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाना होगा। साथ ही ये भी की रोजगार सृजन क्षमता घरेलू निर्माण और वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम पर भी निर्भर करती है।  डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, फिलिपींस, दक्षिण अफ्रीका के अलावा भारत जैसे देशों में पर्यावरणीय नीतियां और राष्ट्रीय विकास नीतियां हरित अभियान में कौशल विकास के लिए संदर्भ का काम करती हैं।

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