सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां; जमकर फूटे पटाखे, खतरनाक हुई दिल्ली की हवा

Fierce crackers, dangerous Delhi air

दिल्ली में दिवाली की रात से हवा खतरनाक हो गई है.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर तय समय से पहले और बाद में भी दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े. इससे हवा में प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया। चारों ओर धुंध दिखाई दे रही है। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।

बता दे की सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे फोड़ने को लेकर रात 8 से 10 बजे की समयसीमा तय की थी पर लोगों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में शाम से ही पटाखे फोड़ने की शुरुआत हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था। रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया गुरुवार को जारी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स में दिल्ली की हवा ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंच गई है। इसकी एक बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट की पटाखों को लेकर दी गई गाइडलाइन का उल्लंघन करना बताया जा रहा है।, एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के मुताबिक, आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर 999, अमेरिकी राजदूतावास, चाणक्यपुरी में 459 और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एक्यूआर 999 रहा। प्रदूषण का यह स्तर ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। वहीं प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बीच राष्ट्रीय राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर आठ नवंबर से लेकर 10 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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गौरतलब है की SC ने सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी। ग्रीन पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं। कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो सकती है और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी। इसके साथ ही पटाखों की ऑनलाइन बिक्री भी रोक दी गई थी। लेकिन प्रदूषण के मानक सब बयान कर रहे है की किस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया गया है।

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