बसन्तोत्सव 2019″ की तैयारियों में जुटा शासन, लगाए जाएंगे पारम्परिक पहाड़ी व्यंजन के स्टाॅल

बसन्तोत्सव 2019″ की तैयारियों को लेकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की अध्यक्षता में राजभवन में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुयी। राज्यपाल  मौर्य ने बसन्तोत्सव में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं, प्रतिभागियों एवं बसन्तोत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से खाद्यान्न और फलों, सब्जियों का उत्पादन होता है। कृषि व उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘‘बसन्तोत्सव 2019‘‘ के माध्यम से जैविक उत्पादों के प्रति जागरूकता का संदेश जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों को लेकर जन जागरूकता फैलाने के लिए प्रदर्शनी उचित माध्यम है। उन्होंने कहा कि आगन्तुकों को फूड स्टाॅल में पारम्परिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएं ताकि बाहर से आए लोग इसका आनन्द ले सकें। जिससे राज्य के पारम्परिक व्यंजनों का प्रचार प्रसार भी होगा, साथ ही स्थानीय उत्पादों से तैयार नए व्यंजनों को भी इसमें शामिल किया जाए।

औषधीय पौधे ‘अकरकरा’ के महत्व को देखते हुए राज्यपाल मौर्य ने इस उत्सव के दौरान जारी होने वाले डाक टिकट पर उसके चित्रण की बात कही। उन्होंने कहा कि इस औषधीय पौधे के गुणों से आम जनमानस को परिचित कराने के लिए इसका सही से प्रचार प्रसार किया जाए। बता दें की अकरकरा नाम की औषधी से बहुत कम लोग प्र‍चलित है। लेकिन यह औषधी  प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर रोजमर्रा में होने वाले संक्रमण का मुकाबला करने की शक्ति प्रदान करती है।

राज्यपाल मौर्य ने यह भी निर्देश दिए कि बसन्तोत्सव में आने वाले स्कूली बच्चों व आगन्तुकों के लिए पीने के पानी और टाॅयलेट की उचित व्यवस्था की जाए।

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