पोषक तत्वों से भरपूर है अंगूर, दिलाता है डिप्रेशन से छुटकारा

Grapes rich in nutrients, draws relief from depression

मीठे रसीले फलों में शामिल अंगूर ऐसा फल है, जो आमतौर पर सभी को पसंद आता है। क्या आपको पता है इसमें कई पोषक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें मौजूद पॉली-फेनोेलिक फाइटोकैमिकल कंपाउंड हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के कारण अंगूर का सेवन जरूरी है। अगर आप डिप्रेशन जैसी परेशानी से बचना चाहते हैं, तो अंगूर जरूर खाएं। यह बात एक हालिया शोध में उजागर हुई है।

फल के तौर पर खाने के अलावा इनसे किशमिश, मुनक्का, जूस, जैम और जैली भी बनाए जाते हैं। खाने में सुविधाजनक होने के साथ-साथ यह मनोविकार को भी कम करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भोजन में अंगूर को शामिल करने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि अंगूर रहित आहार का सेवन करने वालों को निराशा व हताशा जैसे विकारों के लिए चिकित्सकों की शरण लेनी पड़ सकती है।एक शोध के नतीजे बताते हैं कि भोजन में अंगूर से मिलने वाले नैसर्गिक तत्वों से हताशा जैसे मनोविकार कम हो सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अंगूर रहित पोलीफिनॉल कंपाउंड उत्तेजना से जुड़े कोशकीय व आणविक मार्ग को निशाना बनाता है। लिहाजा इस संबंध में की गई नई खोज से निराशा व चिंताग्रस्त लोगों का इलाज संभव हो पाएगा।

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शोधकर्ता ने बताया कि अंगूर से तैयार बायोएक्टिव डायटरी पॉलीफिनॉल तनाव प्रेरित निराशा की स्थिति से बाहर निकलने में मददगार व इस रोग के इलाज में प्रभावी हो सकता है। शोध में इसका उपयोग चूहे पर किया गया और नतीजा सकारात्मक आया। जाहिर है भोजन से जो पोषक तत्व हमारे शरीर को मिलता है, वह रोगों की रोकथाम के लिए ज्यादा कारगर होता है।अंगूर में मौजूद फ्रैक्टोज और ग्लूकोज शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है, जिससे यह तुरंत थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोके
अंगूर की छिलकेनुमा बाहरी परत में मौजूद रेस्वेराट्रॉल एंटीऑक्सीडेंट और क्यूरसेटिन एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्वों में कैंसरविरोधी गुण मिलते है। ये तत्व प्रोस्टेट, ब्रेस्ट और फेफड़ों के कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं।

हार्ट अटैक के खतरे को करे कम
अंगूर में मौजूद क्यूरसेटिन एंटी इन्फ्लेमेटरी प्लेवोनॉयड, पॉलीफेनॉल जैसे तत्व लिपोप्रोटीन यानी बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को नियंत्रित रखते हैं। ओरोस्टिलवेन एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी में काले अंगूर का जूस ब्लड में नाइट्रिक एसिड के लेवल को नियंत्रित रखता है, जिससे ब्लड क्लॉटिंग नहीं हो पाती और हार्ट अटैक का खतरा कम होे जाता है। काले अंगूर का जूस हार्ट अटैक से बचने के लिए ए्प्रिरन की गोली के समान कारगर है।

कब्ज की शिकायत करे दूर
फाइबर और ग्लूकोज की प्रचुर मात्रा वाला अंगूर पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसमें मौजूद ऑर्गेनिक एसिड, सेल्यूलोज और पॉलीओस तत्व पेट की टोनिंग कर कब्ज, अपच, पेट में जलन-सूजन, उल्टियां आने जैसी समस्या से राहत दिलाते हैं। इसके रस में चुटकी भर नमक और काली मिर्च मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

 

आंखों के लिए फायदेमंद
अंगूर में मौजूद ग्लूटॉन और जियेन्थिन एंटीऑक्सीडेंट आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। विटामिन ए रात के अंधेपन जैसी आंखों की बीमारियों में मदद करता है। इसके पके हुए गाढे़ रस को सोते समय आंखों में लगाने से नेत्र रोग दूर हो जाते हैं।

अस्थमा रोगियों के लिए कारगर
अस्थमा रोगियों को सर्दियों में सांस लेने में अधिक दिक्कत होती है। अंगूर में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों के संकुचन को कम करता है, इससे रोगियों को आराम मिलता है।

 

डायबिटीज में फायदेमंद
अंगूर में हैरोस्टिलवेन नामक एंटीऑक्सीडेंट ब्लड में शुगर की मात्रा को कम करता है। सप्ताह में 2-3 बार अलग-अलग रंग के एक कटोरी अंगूर खाने से टाइप 2 डायबिटीज की आशंका 70 प्रतिशत कम हो जाती है।

 

 

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