जीवन शैली के विकारों से मुक्ति दिलाएगी बैद्यनाथ की हर्बल चाय

आयुर्वेद के क्षेत्र में एक सदी से विश्वसनीय और अग्रणी बैद्यनाथ ने जीवनशैली से जुड़े विभिन्न विकारों से बचाव एवं उपचार के लिए औषधीय गुणों वाली पारंपरिक हर्बल चाय के चार वैरिएंट पेश किए हैं। आयुर्वेद उत्पादों की सबसे बड़ी निर्माता झांसी की बैद्यनाथ के पास लगभग 700 प्रकार के नुस्खे हैं।

बैद्यनाथ आयुर्वेद के कार्यकारी निदेशक श्री अनुराग शर्मा ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में अस्वास्थ्यकर खानपानतनाव भरी जीवनशैलीकम होती शारीरिक गतिविधियों के कारण जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तो बढ़ ही गई हैं, पाचन तंत्र भी कमजोर हो गया है, जो जीवनशैली से जुड़ी आजकल की कई बीमारियों की जड़ है। कमजोर पाचन तंत्र के कारण अपचकब्ज और मोटापे की समस्या हो जाती हैजो सभी रोगों की जड़ है। लोगों की जरूरत को और मोटापे तथा खानपान से जुड़े रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक खानपान की बढ़ती मांग को भांपते हुए बैद्यनाथ आयुर्वेद ने कुछ विशेष समस्याओं पर आधारित चार प्रकार की चाय पेश की है, जो स्वस्थ रहने में मदद करती है।

श्री शर्मा ने कहा, “हर्बल चाय सूखी पत्तियोंनट्सछालबीजघासफलफूल और विभिन्न पौधों की जड़ों से बनाई गई हैं और उनमें से कुछ का प्रयोग चिकित्सा के लिए भी किया जाता है। रेडी टु ड्रिंक चाय के इस्तेमाल का बढ़ता प्रचलन भारत और पूरी दुनिया में हर्बल चाय के बाजार की वृद्धि तेज कर रहा है। कंपनी द्वारा पेश किए गए हर्बल चाय के चार वैरिएंट हैं – कब्ज से राहत दिलाने के लिए लैक्सी टी, वजन कम करने के लिए ट्रिम टी, थकान, तनाव, बेचैनी और अनिद्रा की समस्याओं से राहत दिलाने के लिएवाइटल टी और खांसी-जुकाम भगाने और प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) बढ़ाने के लिए कफ टी

चाय के चार वैरिएंट्स लैक्सी टी: आजकल कब्ज बहुत बड़ी समस्या हो गई हैजिससे ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। कब्ज कई रोगों की जड़ भी है। आयुर्वेद के ग्रंथों में बताया गया है कि शरीर में लगभग सभी विकारों की उत्पत्ति का मूल कारण उदर की गड़बड़ी है। लैक्सी टी कब्ज दूर करने में बहुत लाभप्रद है। इसमें पाई जाने वाली सनय, सौंठ, सौंफ और इलायची जैसी जड़ी-बूटियां कब्ज से राहत दिलाती हैं। इस चाय के सेवन से आंतें साफ होती हैं और कब्ज से आराम मिलता है।

ट्रिम टी: जंक फूड, बिस्किट, चिप्स आदि मोटापे के मुख्य कारण हैं। मोटापा हमेशा अपने साथ मधुमेह, यकृत विकार, कलेस्टरॉल, उच्च रक्तचाप, हृदय विकार आदि साथ लेकर आता है। असली समस्या को समझकर बैद्यनाथ ने ट्रिम टी तैयार की। इसमें ग्रीन टी होती है, जिसमें कैटेचिन होता है, जो वजन घटाने में मदद करता है। त्रिफला बैड कलेस्टरॉल को कम करता है और गुड कलेस्टरॉल को बढ़ाने में सहायक होता है। हल्दी शरीर कोशाओं में अतिरिक्त वसा का जमाव कम करता है। गुड़हल उच्च रक्तचाप कम करने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है।

वाइटल टी: तनाव भरे जीवन में लोगों को अत्यधिक थकान और सिरदर्द होना सामान्य बात है। इसका आपकी नींद पर और काफी हद तक आपके निजी जीवन पर प्रभाव पड़ता है। बैद्यनाथ द्वारा तैयार की गई वाइटल टी ऐसे तनाव, सिरदर्द से निपटने के सबसे अच्छे उपायों में से एक है। इसमें सफेद मूसली होती है, जिसमें भरपूर प्राकृतिक विटामिन और प्रोटीन होते हैं। शतावरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो मस्तिष्क और शरीर को बल देती है। केसर अंदरूनी शक्ति तथा ऊर्जा को बढ़ाने और बनाए रखने में सहायक होता है। अश्वगंधा को आयुर्वेद में थकान, तनाव, बेचैनी और अनिद्रा की समस्याओं से निपटने वाली सर्वश्रेष्ठ औषधियों में बताया गया है।

कफ टी: बदलते मौसम में खांसी, जुकाम और वायरल बुखार जैसे संक्रामक रोग फैलते हैं। हमें अस्पताल जाना पड़ता है। कभी कभी प्रतिरक्षा क्षमता यानी इम्यूनिटी कम होने तथा एलर्जी होने के कारण सर्दी और खांसी हो जाती है। इसके लिए बैद्यनाथ ने कफ टी तैयार की है, जो खांसी-जुकाम से राहत दिलाती है और इम्यूनिटी भी बढ़ाती है। मुलेठी खांसी, गले में खराश दूर करती है और श्वसन मार्ग की रुकावट दूर करती है। केसर इम्यूनिटी बढ़ाता है और खांसी तथा जुकाम से राहत दिलाता है। तुलसी गला साफ करती है और बंद नाक खोलती है। पिपरमूल श्वसन मार्ग की रुकावट दूर करती है और अस्थमा से राहत दिलाती है।

हाल ही में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने वाली बैद्यनाथ आयुर्वेद ने आधुनिक शोध और विनिर्माण तकनीकों की मदद से प्राचीन ज्ञान को पुन: स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। 1917 में स्थापित कंपनी ने प्राकृतिक जूस, ऑर्गैनिक मसालों, केमिकल मुक्त सौंदर्य प्रसाधनों और हर्बल न्यूट्रास्यूटिकल्स पेश कर हाल ही में एफएमसीजी बाजार में भी कदम रखा है। कंपनी ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और खुदरा बिक्री के लिए एक्सक्लूसिव स्टोर भी खोले हैं।

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