हिमा दास एग्जाम प्लेटफॉर्म पर भी फर्स्ट डिवीजन

हिमा दास जन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 18वें एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। अब एक और रेस जीत गई हैं। हिमा ने असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल यानि असम बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन हासिल किया है। और मैदान के साथ-साथ क्लासरूम में भी चैंपियन बन गई हैं। हिमा कहती भी रहीं कि मैं 2019 में बड़े टूर्नामेंट्स के साथ-साथ ट्रेनिंग और परीक्षा पर भी ध्यान दे रही हूं। और हिमा ने ध्यान दिया और खुद को साबित कर दिया।

हिमा के बारें में कुछ बातें याद दिला दें कि असम ने नोगांव की रहने वाली यह रनर पिछले साल उस समय चर्चा में आईं थी जब 400 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड तोडा और इसके बाद उन्होंने एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीता और लगातार आगे बढ़ती रहीं। हिमा ने अपने एग्जाम के दौरान भी प्रैक्टिस करना जारी रखा। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 500 में से 349 नंबर हासिल किए। एग्जाम में हिमा की इस कामयाबी के बाद उनके पिता रंजीत दास ने कहा कि हम एग्जाम में उसके प्रदर्शन से खुश हैं, लेकिन अब वक्त आ गया है कि वो ट्रैक पर लौट जाए।

हिमा के हुनर को सबसे पहले 2014 में एक इंटर स्कूल दौड़ प्रतियोगिता के दौरान नवोदय स्कूल के ट्रेनर शम्स-उल-हक ने पहचाना, शम्स ने उन्हें ट्रेनर गौरीशंकर रॉय से मिलवाया। जिन्होंने बाद में हिमा को खेल और युवा कल्याण निदेशालय के कोच निपोन दास और नबोजीत कौर से मिलवाया । हिमा पर इन दोनों का इतना भरोसा था कि 2017 में नैरोबी में हुई यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उन्होंने कर्ज तक ले लिया ताकि हिमा वहां दौड़ने जा सके।

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