ईरानी मीडिया की बेगुनाह एंकर मरज़िया हाशेमी अमरीका में गिरफ़्तार, मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन

Irani Media's innocently anchor Marzia Hascheme arrested in USA,

अमरीकी पुलिस ने ईरान के अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल प्रेस टीवी से जुड़ी ताज़ा मुस्लिम महिला, अमरीकी रिपोर्टर मरज़िया हाशमी को अज्ञात कारणों पर गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया है। प्रेस टीवी की एंकर मर्ज़िया हाशमी अपने घरवालों से मिलने के लिए अमरीका गयी थीं जहां उन्हें पुलिस ने बिना किसी आरोप के गिरफ्तार कर लिया और उन्हें यातना दी जा रही है। बताया जा रहा है कि ज़बरदस्ती हिजाब हटा दिया गया और एक मुसलमान होने के बावजूद उन्हें केवल सूअर के गोश्त से बना खाना परोसा गया, जो उन्होंने खाने से इनकार कर दिया।

अमरीका में हाशमी की गिरफ़्तारी अमानवीय, अनैतिक एवं ग़ैर क़ानूनी है। हाशमी को बिना किसी आरोप के क़ैद करके बहुत ही बुरी स्थिति में रखा जा रहा है। बता दें की मरज़िया हाशेमी एक तो अमरीकी मूल की हैं फिर वह श्वेत नहीं हैं और अमरीका में अश्वेत होना ही अपने आप में एक गुनाह है। अश्वेतों को अकारण निशाना बनाया जाता है। इसके अलावा अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से जमाल ख़ाशुक़जी के हत्यारों के समर्थन को सारी दुनिया देख रही है। मरज़िया हाशेमी के साथ जो कुछ किया जा रहा है उसे देखकर जमाल ख़ाशुक़जी की घटना याद आती है। बस इस बार रूप अलग नज़र आ रहा है।आईआरआईबी की विदेश सेवा के प्रमुख पयाम जेबेल्ली ने कहा, जेबेल्ली ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हाशमी को कुछ होता है तो उसके लिए अमरीका पूरी तरह से ज़िम्मेदार होगा।

 ईरानी मीडिया और मरज़िया हाशेमी के ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यों ?

सवाल यह उठता है कि अमरीकी प्रशासन ने ईरानी मीडिया और मरज़िया हाशेमी के ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यों की? अमरीका में जिन लोगों को भी गिरफ्तार किया जाता है, उन पर आरोप चाहे जो भी हो, वह दो प्रमुख वर्गों में रखे जा सकते हैं। एक तो वह लोग हैं जो जिन्हें बताया जाता है कि उन पर क्या चार्ज लगाया गया है। इसके बाद उन पर मुक़द्दमा चलाया जाता है और दूसरे वह लोग हैं जिनके ख़िलाफ़ फ़ैसला पहले ही कर लिया जाता है और सज़ा निर्धारित कर दी जाती है जबकि उन्हें उन पर लगे चार्ज के बारे में नहीं बताया जाता। ग्वान्तानामो जेल में जिन लोगों को वर्षों तक क़ैद रखा गया वह इस श्रेणी में आते हैं। ईरानी टीवी चैनल प्रेस टीवी के लिए काम करने वाली मरज़िया हाशेमी की गिरफ़तारी को देखा जाए तो वह इसी दूसरी श्रेणी से संबंधित दिखाई देती है। वैसे यह चीज़ अनपेक्षित भी नहीं थी।क्या एसा तो नहीं है कि अमरीका चाहता है कि ईरान में पकड़े गए जासूसों की रिहाई के बदले मरज़िया हाशेमी की रिहाई का प्रस्ताव रखे? यह एसा सवाल है जिसका जवाब आने वाले समय में मिल सकता है।

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विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि मर्ज़िया हाशमी के साथ अमरीकी पुलिस का व्यवहार मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है और इससे पता चलता है कि अमरीकी सरकार अपनी आलोचना करने वालों को सहन नहीं कर सकती।आईआरआईबी के प्रमुख ने इसी प्रकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिलसिले में अमरीका के दो मुखे व्यवहार की ओर संकेत करते हुए कहा कि दोमुखा रवैया अमरीका की प्रवृत्ति में है और इस देश की सरकार केवल उन्ही लोगों को पसन्द करती है जो उसकी हां में हां मिलाते है और विरोधियों को सहन नहीं करती। अली अस्करी ने बल दिया कि क्षेत्र में आतंकवादी घटनाएं और रक्तपात, वास्तव में अमरीका के इसी दोमुखे व्यवहार का नतीजा हैं।

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