जिन्ना विवाद : BJP सांसद ने कहा आज़ादी की लड़ाई में जिन्‍ना का अहम योगदान ,पाक ने कहा भारत के मुस्लिमों में असहिष्णुता

Jinnah controversy: BJP MP said Jinnah's contribution in the fight for independence, Pak says India's intolerance in Muslims

भारत के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने की मांग को लेकर भड़के माहौल में बृहस्पतिवार को पाकिस्तान भी कूद गया। पाकिस्तान ने अपने संस्थापक जिन्ना से जुड़े इस विवाद के बहाने पर भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दिखाता है कि भारत में मुस्लिमों और पाकिस्तान के प्रति असहिष्णुता और पूर्वाग्रह कितना बढ़ रहा है। जिन्ना पर जारी विवाद के बीच यूपी के बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्ना की तारीफ़ की है।बीजेपी सांसद ने कहा है कि मोहम्मद अली जिन्ना महापुरुष थे और हमेशा रहेंगे। आज़ादी की लड़ाई में उनका अहम योगदान था। ऐसे महापुरुष की तस्वीर जहां ज़रूरत हो, उस जगह पर लगाई जानी चाहिए।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल ने एक साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि पारंपरिक तौर पर एएमयू छात्रसंघ के सभी लाइफटाइम सदस्यों की तस्वीरें एएमयू में लगती हैं और जिन्ना की तस्वीर वहां 1938 से लगी हुई है। उन्होंने कहा, वर्तमान सरकार के एक सदस्य की मांग पर इस तस्वीर को लगाने को लेकर चल रहा विवाद भारत में खासतौर पर मुस्लिमों और पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ रही असहिष्णुता, विदेशी विरोध और पूर्वाग्रह की तरफ इशारा करता है और ये खुद अधिकतर भारतीयों के लिए भी बेहद खतरनाक है। फैसल ने कहा, ये भारतीय समाज में तेजी से फैल रही धार्मिक कट्टरता को भी दिखाता है, जिसे सत्ता में बैठे लोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, सहिष्णुता को लेकर पाकिस्तान में इससे विपरीत स्थिति है, जहां महात्मा गांधी की तस्वीरें और मूर्तियां इस्लामाबाद स्मारक संग्रहालय में लगी हुई हैं।

यह भी पढ़े :10 करोड़ के PWD घोटाले में बड़ी कार्रवाई, CM केजरीवाल का रिश्‍तेदार विनय बंसल गिरफ्तार

बता दे की इस मामले में इससे पहले बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एएमयू का नाम लिए बिना कहा था कि अचानक से विश्वविद्यालयों का नाम बदलने और कुछ लोगों की तस्वीरों को हटाने की मांग होने लगी।उन्हें क्यों हटाया जाए? इतने सालों में वे वहीं थे और सब कुछ ठीक चल रहा था। वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच देश के कुछ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के छात्र संघों के पूर्व अध्यक्षों, शिक्षकों और इस्लामी जानकारों के एक संगठन ने आरोप लगाया कि ‘यह सब विश्वविद्यालय की छवि खराब करने, इसके अल्पसंख्यक संस्थान होने पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करने और चुनावों से पहले ध्रुवीकरण का प्रयास है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *