उत्तराखंड का जवान देश की रक्षा करते हुए पठानकोट में शहीद,पत्नी बेसुध, बेटा अनजान, गांव में शोक की लहर

उत्तराखंड के जवान ने पठानकोट में देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी है। जवान 19 कुमाऊं रेजीमेंट में नायक के पद पर कार्यरत थे और पंजाब में पठानकोट के पास तैनात थे। जिस वक्त जवान की मौत खबर आई उस समय उनका चार साल का मासूम बेटा लक्ष्य घटना से अनजान आंगन में खेल रहा था। पति की मौत की सूचना मिलते ही मासूम की मां बेसुध हो गई। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। घर पर सांत्वना देने वालों का ताता लगा है। गौरतलब है कि एक हफ्ते की भीतर तीन जवान शहीद हो गए है।

रिपोर्ट के अनुसार जागेश्वर अल्मोड़ा के तोली गांव निवासी नंदकिशोर तिवारी के बेटे सुशील तिवारी (30) थलसेना की 19 कुमाऊं रेजीमेंट में नायक के पद पर कार्यरत थे। सैनिक की पठानकोट में करंट लगने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। जवान ने चार साल पहले ही दुर्गापालपुर परमा गांव में मकान बनाया था , जहां उनकी पत्नी मीना तिवारी चार साल के बेटे लक्ष्य के साथ रहती हैं। लक्ष्य यहां वीर सैनिक स्कूल में एलकेजी का छात्र है। वह अभी घटना से अनजान है और मां को रोता देख उससे रो-रोकर रोने का सबब पूछ रहा है। ग्राम प्रधान  जवान की पत्नी बेसुध हो गई है।बेटे के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब मां मीना तिवारी पर आ गई है।

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सेना से मांगी जानकारी 

संजय राणा ने बताया कि सैनिक का पार्थिव शरीर पठानकोट से लाया जा रहा है। इसके बाद सुशील के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां जागेश्वर धाम के घाट पर उनकाअंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बारे में एसडीएम एपी बाजपेई ने बताया कि सैनिक के बाबत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी और सेना से जानकारी मांगी गई है।

 

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