मोदी सरकार ने अब माना 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी !

लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार ने बेरोजगारी को लेकर एक खबर छापी थी जिसमें NSSO के दिये आंकड़ों द्वारा बताया था कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा यानी 1972-73 के बाद 2017-18 में ही इतनी ज्यादा बेरोजगारी हुई है। इसके बाद खूब हो हल्ला हुआ था और विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर इस आंकड़े को छिपा रही है।
31 मई 2019 को चुनाव बीत गये और सरकार बन गई मोदी सरकार कैबिनेट की पहली मीटिंग भी हो गई। इसी दिन केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने डेटा जारी किया इस डेटा में कहा गया है कि 2017-18 के दौरान देश में बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत थी। यह 45 सालों में सबसे अधिक थी, शहरों में बेरोजगारी दर गांवों से अधिक है। 7.8 फीसदी युवा शहरों में बेरोजगार हैं और 5.3 फीसदी गांवों में।
महिलाओं से ज्यादा बेरोजगारी पुरूषों में है। पुरुषों में 6.2 फीसदी बेरोजगारी की दर है और महिलाओं में बेरोजगारी दर 5.7 फीसदी है।
बता दें कि छैैव् सरकारी संगठन है जो सांख्यिकी मंत्रालय के अंडर आता है, देश में जो भी सरकारी सर्वे होते हैं, जो भी आंकड़े जुटाए जाते हैं, वो जुटाने का काम NSSO करता है। जिसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग ने पिछले दिसंबर में ही सरकार को दे दी थी लेकिन सरकार ने इसे अब तक जारी नहीं किया था। 
उस समयडाटा लीक होने पर सरकार में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि पिछले पांच वर्ष में कोई बड़ा सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन ना होना, इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार की योजनाओं से रोजगार का सृजन हुआ है।https://www.uttaravani.com/modi-government-first-cabinet-meeting/
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने उस समय कहा था कि देश में बेरोजगारी, 45 साल में सबसे ज्यादा हो गई ऐसा कहने वाली रिपोर्ट सत्यापित नहीं है। आंकड़ों को अभी प्रोसेस किया जा रहा है।
जबकि ये लीक डेटा इस बात के सबूत थे कि नोटबंदी के बाद देश में रोजगार के हालात क्या हैं ?

लेकिन उस समय लोकसभा चुनाव आने वाले थे और बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेर रहा था। सरकार अपने ही संगठन की वैध रिपोर्ट कैसे जारी कर देती ? इस रिपोर्ट के आने के बाद ये साफ हो जाता कि सरकार के फैसले गलत थे।
आज जब चुनाव के बाद मोदी सरकार पूर्ण बहुमत से दुबारा सत्ता में आ गई विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के पास इतनी सीटें भी नहीं हैं कि मुख्य विपक्ष घोषित हो सके उस समय सरकार ने ये डाटा जारी किए हैं। और अब मोदी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना होगा।

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