मोदी मंत्रिमंडल में प्रदेश से कई दावेदार।

बहुमत के साथ केंद्र में दोबारा सत्ता में आई भाजपा को 2019 में भी उत्तराखंड से पूरा समर्थन मिला। राज्य की पांचों सीटों पर भारी विजय मिली। इससे अब चर्चा शूरू हो चुकी है कि किस सांसद को उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने को मिलेगा। इसके कई दावेदार हैं लेकिन देखना है कि किस का नंबर लगेगा और कौन होगा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैमाने पर खरा उतरेगा।

लोकसभा सीटों के हिसाब स ेउत्तराखंड छोटा प्रदेश है लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में उत्तराखंड की मौजूदगी दर्ज होती रही है। पहली लोकसभा से ही उत्तराखंड के सांसदों को केंद्र सरकार में जिम्मेदारी निभाने का मौका मिलता रहा है। राज्य बनते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी पौड़ी जो गढ़वाल संसदीय सीट से चार चुनाव जीते हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में वाजपेयी सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाला। वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। अल्मोड़ा के सांसद बची सिंह रावत भी केंद्र में रक्षा व विज्ञान एवं प्रौद्योगिक राज्य मंत्री रहे। कांग्रेस नेता हरीश रावत वर्ष 2012 से वर्ष 2014 तक केंद्रीय जल संसाधन मंत्री रहे हैं। इसके बाद वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने।

अब 2019 के दावेदारों में सत्रहवीं लोकसभा के लिए उत्तराखंड रमेश पोखरियाल निशंक पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं। स्वाभाविक रूप से मंत्रिमंडल में उनका दावा मजबूत माना जा रहा है। नैनीताल से पहली बार लोकसभा पहुंचे अजय भट्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस बार वे राज्य के सबसे ज्यादा मतों से विजेता हैं। और उन्हीं के नेतृत्व में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 57 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि अजय भट्ट स्वयं चुनाव नहीं जीत पाए थे लेकिन उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वर्ष 2014 में अल्मोड़ा से चुने गए अजय टम्टा वस्त्र मंत्रालय में केंद्रिय राज्यमंत्री के तौर पर शामिल रहे हैं, इससे उनका दावा स्वाभाविक है। अन्य लोकसभा सांसदों के अलावा उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान हासिल करने के प्रबल दावेदार माने जा रहे है।

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