राष्‍ट्रीय महिला पार्टी भारत में लांच , सड़क से संसद तक आधी अबादी लेंगी अब अपना हक

देश में महिलाओं के प्रति असंवेदनशिलता को देखते हुए  36 साल की महिला डॉक्टर ने मंगलवार को महिलाओं के लिए देश की पहली राजनीतिक पार्टी बनाई। राष्ट्रीय महिला पार्टी  2019 में लोकसभा चुनाव भी लड़ेगी। पार्टी संसद में महिलाओं को आरक्षण दिलाने और वर्क प्लेस पर उनके खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए काम करेगी।

बता दे कि देश का हर राजनीतिक दल महिला अधिकार और सम्मान की बात करता है। लेकिन इसपर कितना अमल किया जाता है इसके कई उदाहरण देश की जनता के सामने है। इसलिए अब महिलाओं ने अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए खुद बीड़ा उठाया है। दरअसल राजधानी दिल्ली में महिलाओं के एक समूह ने अमरीका की तर्ज पर एक ऐसी पार्टी का गठन किया है जो कि सिर्फ महिलाओं का राजनीतिक दल है। बता दें कि आजाद भारत में यह पहला ऐसा पहला राजनीतिक दल है जो सिर्फ महिलाओं के लिए बना है। इसका नाम ‘नेशनल वुमेन्स पार्टी’ रखा गया है।पार्टी की घोषणा करते हुए पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वेता शेट्टी ने कहा, “पुरुष प्रधान राजनीतिक प्रणाली में पूरी तरह से महिलाओं की एक पार्टी का होना बहुत जरुरी है। हमारा उद्देश्य महिलाओं का प्रतिनिधित्व करना है, खासकर उनका जो वंचित हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के संसद में महिलाओं के आरक्षण के लिए बात होती है मगर हमारी पार्टी इसकी लड़ाई लड़ेगी। उन्‍होंने कहा कि हमारी पार्टी कार्यस्‍थल पर महिलाओं के शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाएगी।

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चुनाव में उठेगा महिलाओं का मुद्दा 
महिलाओं से जुड़े मु्द्दे चुनाव के दौरान उठाया जाएगा। यह मंच महिलाओं के लिए है, यहां वे अपनी आवाज उठा सकती हैं। पार्टी ने अपना बुनियादी काम 2012 में शुरू किया था। पार्टी का लक्ष्य लोकसभा चुनाव में महिला प्रत्याशियों के लिए 50 फीसद आरक्षण हासिल करना है। शेट्टी ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया है। इसमें पार्टी के लिए किसी खास नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को हैदराबाद के तेलंगाना महिला समिति की 1.45 लाख महिला सदस्यों का समर्थन हासिल है। वर्तमान में देश भर में इसके सदस्यों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

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