माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क के यह बने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस नेटवर्क (एमएफआईएन), द प्रिमियर इंडस्ट्री एसोसिएशन एवं सेल्फ रेगुलेटरी ऑर्गानाइजेशन (एसआरओ) फॉर द माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री ने क्रेडिट एेस्सस ग्रामीण के एमडी व सीआईओ उदय कुमार को बोर्ड का नया अध्यक्ष घोषित किया है। बोर्ड के सदस्यों ने इसके साथ ही अनपुर्णा माइक्रोफाइनेंस की निदेशक दिब्यज्योति पट्नायक को बोर्ड का उपाध्यक्ष घोषित किया। ये चुनाव एमएफआईएन की भुवनेश्वर में आयोजित हुई आम सभा में हुये।

एमएफआईएन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि, ये मेरे लियेे सम्मान की बात है कि एमएफआईएन के सदस्यों ने उन पर इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के लिये विश्वास जताया। उन्होंने कहा, पिछले कुछ समय में माइक्रो फाइनेंस की विकास कुछ धीमी पड़ी थी, लेकिन अब माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री तेजी से विकास की ओर है। मुझे लगता है कि इस नई अवस्था में निवेशकों का आत्मविश्वास बढऩे के साथ ही कई नये संस्थानों के प्रवेश के साथ ही इंड्स्ट्री विस्तार भी हुआ है। जिससे एमएफआईएन की भूमिका को उद्योग के स्वयं नियामक के साथ साथ, इसकी आवाज के रूप में और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं।

एमएफआईएन की उपाध्यक्ष दिब्यज्योति पट्नायक ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुये कहा कि, मैं इस भूमिका की जिम्मेदारी निभाने के लिये उत्साहित हूं और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिये योगदान देने के लिये तत्पर हूं। एमएफआईएन उद्योग को जिम्मेदार उधार और वित्तीय साक्षरता के लिये ग्राहकों के बीच जागरूकता पैदा करने के साथ ही प्रोत्साहित करने के लिये प्रतिबद्ध है। मुझे पूरा भरोसा है कि उद्योग बढऩे के साथ ही ये क्रेडिट और वित्तीय सेवाओं तक आसानी से पहुंच प्रदान करके, उन्हें सशक्त बनाने के माध्यम से कम आय वर्ग में लाखों लोगों के जीवन पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव डालना जारी रखेगा।

अध्यक्ष उदय कुमार ने एसवीसीएल के सीईओ राकेश दुबे का स्थान लिया है। जबकि दीबाज्योति पटनायक ने उपाध्यक्ष के रूप में फ्यूजन माइक्रोफाइनेंस के सीईओ देवेश सचदेव की जगह ली। मनोज कुमार नंबियार, एमडी, अरहान फाइनेंशियल सर्विसेज और विनीत चट्री, निदेशक, स्वंतंत्र माइक्रोफिन को भी बोर्ड के नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया। वार्षिक आम बैठक के दौरान, शिखर माइक्रोफाइनेंस के सीईओ सत्य चक्रवर्णी और स्वंतंत्र माइक्रोफाइन के सीईओ अनुजीत वाराडकर को प्रवर्तन समिति (ईसी) के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया है। ईसी गाइड, स्वयं नियामक कार्य का पर्यवेक्षण और समर्थन करता है और ग्राहकों से उत्पन्न होने वाली गैर-अनुपालन और शिकायतों के मुद्दों को हल करता है। एमएफआईएन विनियमित अल्पसंख्यक उद्योग को बदलने में सबसे आगे रहा है और अल्पसंख्यक लाभार्थियों के साथ-साथ कंपनियों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करते हुए क्षेत्र में पारदर्शिता और विनियमन लाने के लिए जिम्मेदार है।

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