उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग अभ्यर्थीयों से लेगा ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र ,ऐसे करें आवेदन

Online examination applications from Uttarakhand Public Service Commission candidates, such as application

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग अभ्यर्थीयों से ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र लेगा। आयोग अभ्यर्थियों का एक डेटा बैंक तैयार करेगा। आयोग की परिधि में आने वाले पदों पर आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर स्थाई पंजीकरण कराने होंगे। वन टाइम रजिस्ट्रेशन के समय सम्पूर्ण बायो डेटा और अभिलेख अपलोड करना होगा। आयोग जब कभी भी कोई विज्ञापन प्रकाशित करेगा तब अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। बायो डेटा और अभिलेख अपलोड करने की जरूरत नही होगी। यह निर्णय शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर आनंद सिंह रावत के साथ हुई बैठक में लिए गए।


स्थाई पंजीकरण करने पर अभ्यर्थी को लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। जब भी कोई विज्ञप्ति प्रकाशित होगी, अभ्यर्थी को इसकी सूचना स्वतः ही मिल जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थी भी नजदीक के सीएससी या अपने मोबाइल से पंजीकरण करा सकेंगे। इससे आयोग का समय बचेगा और भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी।बैठक में प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, अपर सचिव कार्मिक सुनील, पांथरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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आवेदन की पत्रावली गायब होने के मामले की सुनवाई पूरी

वहीं आपको बता दें कि लोक सेवा आयोग में सदस्य पद पर आवेदन की पत्रावली गायब होने के मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की पीठ ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। याची वीके सक्सेना के मुताबिक उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2015 में लोक सेवा आयोग के सदस्य पद के लिए आवेदन किया था। याची के मुताबिक तत्कालीन मुख्य सचिव एन रविशंकर ने उनके इस आवेदन को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेजा था। 29 मई 2015 को यह फाइल मुख्य सचिव के यहां से मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थी। तीन जून 2015 को आवेदन की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय से राजभवन भेजी गई और उसी दिन यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से साबित हुआ कि यह फाइल अब मिल नहीं रही है।याची ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने, क्षतिपूर्ति और अन्य किसी संवैधानिक पद पर समायोजित करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। खंडपीठ ने मामले में निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

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