ऑर्डनेंस फैक्ट्री: देशव्यापी हड़ताल पर 83,000 कर्मचारी, सरकार ने नहीं लिया कोई फैसला

ऑर्डनेंस फैक्ट्री: देशव्यापी हड़ताल पर 83,000 कर्मचारी, सरकार ने नहीं लिया कोई फैसला

देहरादून: ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल आज पांचवे दिन भी जारी है। फैक्ट्रियों के निगमीकरण का प्रस्ताव पास करने के विरोध में ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ यह कदम उठाया है। जिसके फलस्वरूप देशभर के 83,000 कर्मचारी मंगलवार से ही हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की यह हड़ताल अब एक महीने तक चलने वाली है। वहीं राजधानी देहरादून में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। देहरादून में भी ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल कर रहे हैं। शुक्रवार को सभी कर्मचारियों ने रायपुर स्थित आयुधि निर्माणी परिसर में कर्मचारियों ने ढोलक और मंजीरे के साथ हड़ताल जारी रखी। कर्मचारियों की पांच दिन से लगातार जारी इस हड़ताल के चलते सरकार को भी काफी नुकसान हो सकता है।

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दरअसल, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में रेलवे कारखानों के निगमीकरण के फैसले के बाद आर्डनेंस फ़ैक्ट्रियों को भी निगम बनाने का फैसला लिया है। जिसके विरोध में सभी कर्मचारी देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। इस हड़ताल में देश के सभी कर्मचारी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, कर्मचारियों का कहना है कि अगर सरकार निगमीकरण के फैसले को खारिज नहीं करती है तो अनिश्चितकाल के लिए धरना प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार एक तरफ जहां सेना को ताकतवर बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों के निजीकरण का षडयंत्र रच रही है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से देश का नुकसान हो सकता है। लेकिन अब देखना ये होगा कि सरकार इस पर क्या फैसला सुनाती है। क्या देश की हथियार बनाने वाली फ़ैक्ट्रियों के कर्मचारी एक महीने की हड़ताल जारी रखेंगे? क्या उनकी सभी मांगे पूरी होगी? इसका फैसला तो सरकार के हाथ में है।

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