उत्तराखंडः तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रैक्टर और यात्रियों से भरी बस की आमने- सामने की जबरदस्त टक्कर , मची चीख-पुकार

Overload tractors and bus tremendous collision in Khatauli

ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों का कहर जारी है।दिल्ली से देहरादून आ रही यात्रियों से भरी बस की तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रैक्टर में आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई है। जिससे बस के पडखच्चे उड़ गए।  मौके पर चीख -पुकार मच गई।ड्राईवर और कंडक्टर सहित 25 यात्री घायल हो गए। वहीं मौके 108 सेवा और पुलिस द्वारा एम्बुलेंस सहायता नहीं मिलने से  घायलों में रोष है। यात्रियों का कहना है कि तंत्र बीमार है सुरक्षा राम भरोसे ही चल रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी ट्रेक्टर लेकर फरार होने में कामयाब हो गया है जिसकी तालाश की जा रही है ।

यात्रियों ने बताई भयावह आपबीती

जानकारी के अनुसार हादसा शुक्रवार भौर के समय सुबह तीन बजे मंगलौर के समीप हुआ है। यहां ओवरलोड बेकाबू गन्ने से भरे ट्रेक्टर की दिल्ली से देहरादून आ रही यात्रियों से भरी बस से आमने सामने की टक्कर हो गई। हादसे में 25 लोग घायल हो गए। वहीं ड्राईवर और क्लीनर गंभीर रूप से घायल है। हादसे में घायल हुए अरण्य रंजन ने बताया कि बस दिल्ली से देहरादून आ रही थी। जब वह खतौली से खाना खाकर बस में बैठे उसके थोड़ी देर में नींद आने लगी। उन्नींदे से बैठे हुए थे। बस भी धीरे- धीरे चल रही थी। तभी जोर से धमाका हुआ और रात के तीन बजे घुप्प अँधेरे में पूरी बस में चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। उन्हे भी अपने घुटनों में जोर का दर्द महसूस हुआ। उन्होने देखा कि वह अगली सीट पर गिरे हुए है और वह सीट उखड़कर टूट चुकी है। खिड़की से बाहर देखा तो ट्रेक्टर वाला जिसने गन्ने को ओवरलोड करके भरा हुआ था। बस में फंसे ट्रेक्टर को निकाल की कोशिश कर रहा है।वह उस पर चिल्लाए कि कहाँ भाग रहा है पुलिस को आने दे। वो ट्रेक्टर को ट्रोली से छुड़ाने में सफल हो गया और ट्रेक्टर को लेकर भाग गया। उनके अगल-बगल में चीख पुकार मची थी।बगल वाले लड़के को देखा तो उसका चेहरा छिल गया था।उतरने के लिए ड्राईवर केबिन की ओर गया तो भयावह मंजर सामने था।

मौके पर नहीं पहुंची 108 सेवा, तंत्र बीमार , राम भरोसे सुरक्षा

ओवर लोडेड गन्ने की ट्रोली का आधे से अधिक हिस्सा ड्राईवर केबिन में घुसा है।  ड्राईवर को लोगो ने उतार लिया था। हादसे में कई लोग बूरी तरह घायल हो गए थे।लोगों ने आपातकालीन सेवा 108 को फ़ोन किया तो वहाँ से  जवाब मिला कि गाडी ख़राब हो रखी है इसलिए नहीं आ सकते। जिसके बाद लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को 100 नंबर पर फोन कर पहले एम्बुलेंस भजने का निवेदन किया। वहां से जवाब मिला की ड्राईवर की हालत ठीक नहीं है और भी कई लोगों को फर्स्ट ऐड की जरूरत है। जिसके बाद घायल और लहुलुहान हालात में बस के कंडक्टर ने सभी सवारियों के जाने की व्यवस्था दूसरी बस में कराई जिसके बाद रूडकी के सरकारी अस्पताल के सामने बस रोक कर सभी चोटिलों का इलाज करवाने के लिए बस रोकी गयी। सभी घायलों का इलाज हुआ।

एम्बुलेंस नहीं मिलने पर सड़क पर तड़पता रहा ड्राईवर

वहीं एम्बुलेंस न आने के कारण ड्राईवर सडक के किनारे लेटा रहा। काफी देर बाद पुलिस द्वारा एक जिप्सी में ड्राईवर और क्लीनर को लादकर अस्पताल में लाया गया। यात्रियों ने बताया कि इतना सब होने के बाद अस्पताल के किसी कर्मचारी ने सूचना दी कि ड्राईवर को लाने के लिए हमने एम्बुलेंस भेज दी है। तबतक ड्राईवर अस्पताल में पहुंच चुका था। तो उसने कहा कि उन्हें सुचना ही अब मिली है, पुलिस के जवान उसकी बात सुन कर मुस्करा दिए।सवाल यह है कि जब इस घटना को हमारा तन्त्र समय पर नहीं संभाल पाया तो कभी कोई बड़ी अनहोनी होने पर तो सभी भगवान भरोसे हैं। शुक्र यह है कि हादसे में किसा प्रकार की जन हानि नहीं हुई है। यदि बस भी तेज रफ्तार में होती तो जरूर बड़ा हादसा हो सकता था।

 

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