पाक के पूर्व गृहमंत्री का बयान, भारत की खुफिया एजेंसी (रॉ) ने कराया पुलवामा हमला

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा घटना की जिम्मदारी लेने के बावजूद पाकिस्तान के पूर्व गृहमंत्री और पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता रहमान मलिक ने पुलवामा हमले को भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ की साजिश बताया है। मलिक ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में लंबित कुलभूषण जाधव के मसले से ध्यान हटाने के लिए भारत की खुफिया एजेंसी R&W (रॉ) ने हमले कराए हैं। उन्होंने कहा है कि अक्सर भारत तमाम हमलों का झूठा आरोप पाकिस्तान पर मढ़ देता है। भारत की कोशिश पाकिस्तान को अलग-थलग करने की है लिहाजा वह हमेशा कोई ना कोई साजिश रचता है। उन्होंने कहा कि रॉ ने समझौता एक्सप्रेस में भी हमले कराए थे, ताकि दुनिया के सामने पाकिस्तान को गुनहगार ठहराया जा सके।

मलिक ने कहा की 26/11 हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर भी भारतीय खुफिया एजेंसियों पर आरोप मढ़े। उन्होंने कहा कि हेमंत करकरे समझौता एक्सप्रेस धमाके के संबंध में रॉ और आरएसएस की मिलीभगत के बारे में जानते थे। लिहजा, रॉ ने उन्हें खत्म कर दिया। गौरतलब है कि हेमंत करकरे 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। गौरतलब है कि पाकिस्तान की तरफ से जितने भी आतंकी हमले हुए हैं, उनको उसने हमेशा झुठलाने का काम किया है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है, ‘’भारत के पास इस हमले से संबंधित अगर कोई भी सबूत है तो वह पाकिस्तान को दे, हम भारत की मदद करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘’भारत ने पहले भी पाकिस्तान पर आरोप लगाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कुछ हासिल नहीं हुआ. पाकिस्तान पर आरोप लगाना बहुत आसान हैं।’’विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि नई दिल्ली को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और पाकिस्तान के साथ सबूत साझा करने चाहिए। कुरैशी फिलहाल म्यूनिख में हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं, हम न तो हिंसा का रास्ता चुनना चाहते हैं और न ही यह हमारे इरादों का हिस्सा है।” 40 शहादतों का बदला मांग रहा है देश, पीएम मोदी बोले- धैर्य रखे देश, गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी

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वहीं, पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमिना जांजुआ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के दूतों से मुलाकात की और इस कायराना हमले में अपने देश की भूमिका होने की बात खारिज की। हालांकि भारत ने जांजुआ के दावे को खारिज किया और कहा कि पाकिस्तान के हाथ होने की बात स्पष्ट है, जो सभी के सामने है। क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में स्थित है।जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकियों ने श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर पुलवामा जिले में एक कार बम से सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया था. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे और पांच जवान घायल हैं। जम्मू-कश्मीर में 1989 में आतंकवाद के सिर उठाने के बाद से यह अबतक का सबसे बड़ा आतंकी हमला था। इस हमले की अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है।

 

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