देहरादून में शनिवार को दिनदहाड़े हुई महिला की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा ,नाबालिग सहित चार गिरफ्तार

देहरादून में शनिवार को दिनदहाड़े हुई महिला की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा , एक नाबालिग सहित चार गिरफ्तार

प्रदेश की राजधानी देहरादून में अपराधी बेखौफ हो गए है। यहां शनिवार को दिन दिनदहाड़े महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक नाबालिग सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामला का खुलासा करते हुए बताया है की पनाष वैली में शनिवार को हुई महिला मजदूर की हत्या लूट के इरादे से आए साथी मजदूरों ने नाकाम होने पर कर दी थी। सभी आरोपित बिहार के रोहताश जिले के रहने वाले हैं।

एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि रामेश्वर केवट पुत्र दसवां निवासी मोहल्ला माधवगंज, जिला पन्ना, मध्य प्रदेश पत्नी केसर के साथ पनाष वैली में कई महीने से मजदूरी कर रहा था। उसे दीपावली पर परिवार के साथ घर जाना था। एक नवंबर को उसने ठेकेदार के मुंशी से कहा वह उसका पूरा हिसाब कर दे। उसके साथ मजदूरी करने वाला हरेंद्र उर्फ महेंद्र पुत्र प्रभुराम निवासी हरेयाडी थाना नोहटा, जिला रोहताश भी उस वक्त वहां मौजूद था।हरेंद्र इसके बाद लूट की योजना बनाने लगा और रामेश्वर के क्रियाकलाप की निगरानी शुरू कर दी और अपने ही गांव के सुनील, छोटेलाल और एक अन्य नाबालिग मजदूर को योजना में शामिल कर लिया। हरेंद्र ने बताया कि मुंशी से उसे बीस हजार रुपये मिलने हैं और कुछ रुपये उसके पास पहले से हैं। योजना सफल हुई तो चारों को दस-दस हजार रुपये मिल ही जाएंगे। इसके बाद सभी तैयार हो गए।

इसके बाद २ नवंबर को हरेंद्र ने सुनील और नाबालिग को भेजकर बड़ा चाकू मंगाया और कहा कि यह सिर्फ डराने के लिए होगा। शुक्रवार की रात चारों हरेंद्र की ही झुग्गी में रुक गए। शनिवार भोर में रामेश्वर के शौच जाने का इंतजार करने लगे। साढ़े चार बजे के दौरान रामेश्वर अपनी झुग्गी से निकला तो हरेंद्र ने उसका रास्ता रोक लिया। हरेंद्र ने रामेश्वर से बीड़ी मांगी और बातों-बातों में पूछ लिया कि वह कहां जा रहा है। रामेश्वर ने बताया कि वह शौच के लिए जंगल की ओर से जा रहा है। इसके बाद हरेंद्र, सुनील, छोटेलाल व नाबालिग रामेश्वर की झुग्गी में दबे पांव घुस गए। केसर जमीन पर सो रही थी। चारों झुग्गी में रुपये खोजने लगे। सामान हटाने के दौरान हुई आवाज से केसर की नींद खुल गई। चारों ने उसे चाकू दिखाते हुए चुप रहने को कहा और रुपये के बारे में पूछा। केसर उनका इरादा भांप गई। उसे लगा कि यह उसकी जमा-पूंजी लेकर चले गए तो उसका क्या होगा। उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।इस पर सुनील और नाबालिग उस पर टूट पड़े और मुंह दबाकर चाकू से उसका गला रेत दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
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बता दे की केसर ने पहले जमा-पूंजी बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन हमलावर उस पर टूट पड़े तो उसने जान बचाने के लिए खूब संघर्ष किया। जिससे झुग्गी में पूरा सामान बिखर गया। गला कटने के बाद वह कुछ देर तक तड़पती रही, जिससे जमीन पर चारों तरफ खून फैल गया था।एसओ राजपुर अरविंद सिंह ने बताया कि हरेंद्र, सुनील व छोटेलाल को अदालत में पेश कर दिया, जहा से तीनों को जेल भेज दिया गया। जबकि किशोर को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

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