प्रॉमिस डे क्यों मनाया जाता है कैसे हुई थी इसकी शुरुवात

Promise Day is celebrated as to how it started

वेलेंटाइन डे के पांचवें दिन यानि प्रॉमिस डे पर अपने चुने हुए प्यार के साथ जन्म-जन्म का साथ निभाने का वायदा किया जाता है। पर क्या आप जानते है। इस दिन की शुरुवात कैसे हुई किसने की ! प्रॉमिस डे वैलेंटाईन दिवस का एक खास दिन होता है जिसे प्यार और लगाव के लिये एक-दूसरे से वादा करने के द्वारा एक नियमित उत्सव के रुप में हर वर्ष मनाया जाता है।

प्यार के लिए यूं तो कोई खास दिन मुकर्रर नहीं होता। यह तो वे भावनाएं हैं जो कभी भी उमड़ सकती हैं पर माना जाता है कि फरवरी का महीना प्रेमियों के लिए खास होता है। यही वह महीना है जिसमें वह अपने किसी खास दोस्त को दोस्ती के आगे बढ़कर उससे अपने प्यार का इजहार करते हैं। अब यह प्यार का इजहार चाहे गुलाब का फूल देकर रोज डे पर हो या फिर प्रॉमिस डे पर उसके लिए कुछ खास वादा कर। प्रॉमिस डे इसलिये मनाया जाता है कि प्यार करने वाले जोड़े एक-दूसरे से सच्चे और हमेशा के प्यार और लगाव का वादा करें। ये जोड़ो के जीवन में संतोष और नयापन लाता है। जोड़ो को अपने प्यार के लिये और ज्यादा जिम्मेदार और स्नेहमय बनाता है। वो पहले से कहीं ज्यादा जिम्मेदार, समर्पित होते हैं और हमेशा, अच्छे और बुरे समय में साथ रहने और एक-दूसरे की मदद के लिये दिल से वादा करते है।

वैलेंटाईन सप्ताह के एक खास दिन के रुप में लोगों के द्वारा देश के सभी क्षेत्रों में प्रॉमिस डे को मनाया जाता है। शादी करने के वादे के साथ ही किसी भी अच्छी और बुरी परिस्थिति में साथ रहने और निष्ठा के लिये एक-दूसरे से वादा करने के लिये प्यार करने वाले इस दिन का बहुत दिल से स्वागत करते हैं। वो एक दूसरे से वास्तविक, सच्चा, गहरा प्यार व्यक्त करते है जो उनके रिश्ते को पहले से ज्यादा विश्वास करने के काबिल बनाता है। प्यार और भरोसे के उनके रिश्तें को मजबूत करने के द्वारा प्रतिज्ञा हरेक के रिश्ते को और करीब लाता है। प्रॉमिस कार्ड, अपने हाथों में महबूब का हाथ लेकर और भी कई तरीकों से इस दिन प्यार करने वाले और जोड़े एक दूसरे से वादा करते हैं। कुछ प्यार की जगह पर जाते हैं और दूसरे प्रसिद्ध जगहों पर जहाँ वो अपने इस दिन को अनोखा सदा के लिये याद रहने वाला दिन बना देते हैं।


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दूनियाभर में मनाए जाने वाले वैलेंटाइन डे की शुरुआत कैसे हुई थी और इस खास दिन को क्यों सेलिब्रेट किया जाता है? आईयेें आपको बताते हैं इसके पीछे की कहानी के बारे में। एक प्राचीन कहानी के अनुसार 12वीं शताब्दी के आसपास रोम में क्लॉडियस नाम का एक शासक हुआ करता था और उनके कानून काफी सख्त थे। वह अपने किसी भी सैनिक को शादी नहीं करने देता था और अगर कोई सैनिक उनके कानून को तोड़ता था तो उसे बड़ी भंयकर सजा देता था। उनका मानना था कि शादी करने के बाद सैनिक अपने घर परिवार में व्यस्त हो जाता है और दुश्मन से उसका ध्यान हट जाता है. उनके इस कानून का संत वैलेंटाइन ने विरोध किया था। संत वैलेंटाइन रोम के एक पादरी थे और प्यार में विश्वास रखते थे उनके लिए प्रेम ही सब कुछ था। इसका जिक्र ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन नाम की पुस्तक में भी मिलता हैं।

संत वैलेंटाइन ने राजा क्लॉडियस का विरोध करते हुए कई अधिकारियों और सैनिकों का प्रेम विवाह करवा दिया इतना ही नहीं संत वैलेंटाइन ने रोम के बहुत सारे और लोगों को प्यार का महत्व बताया और प्रेम-विवाह केे लिए प्रेरित किया। जब राजा क्लॉडियस को इस बात का पता चला तो वह आगबबूला हो गए और 14 फरवरी को उन्होंने संत वैलेंटाइन को सूली पर चढ़वा दिया। उसी दिन से हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के तौर पर मनाया जाने लगा और लोग आज तक इस परंपरा को कायम रखे हुए हैं। फरवरी में लगातार सात दिनों तक वैलेंटाइन वीक सेलिब्रेट किया जाता है।

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