पीवी सिंधु ने रचा इतिहास ,एशियाड फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं

PV Sindhu created history, became the first Indian shuttler to reach the Asiad final

भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। सिंधु एशियन गेम्स के बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं । उन्होंने सोमवार को सेमीफाइनल में विश्व नंबर-2 जापान की अकाने यामागुची को कड़े मुकाबले में 21-17, 15-21, 21-10 से मात दी।अब फाइनल में सिंधु का मुकाबला विश्व की नंबर-1 चीनी ताइपे की ताई जू यिंग से होगा, जिन्होंने दिन के पहले सेमीफाइनल में भारत की साइना नेहवाल को सीधे सेटों में 21-17, 21-14 से मात दी थी।

बता दें कि अब सिंधु का मकसद फाइनल में गोल्ड जीतना होगा। पीवी सिंधु ने इतना सफल खिलाड़ी बनने के लिए काफी मेहनत की है। उन्होंने इंडोनेशिया में जारी 18वें एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 2-1 से हराया। भारतीय स्टार शटलर ने पहला गेम 21-17 से अपने नाम किया, जबकि दूसरे गेम में उन्हें 15-21 से हार मिली। तीसरे गेम में सिंधु ने वापसी करते हुए 21-10 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट कटा लिया। पीवी सिंधु ने पहले गेम में शुरुआत से ही वर्ल्ड नंबर दो यामागुची पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, जापानी खिलाड़ी ने 4-4 से बराबरी की, लेकिन ब्रेक लेने तक सिंधु ने 11-8 की बढ़त ले ली। ब्रेक के बाद सिंधु ने नेट पर अच्छे शॉट खेलकर पॉइंट जुटाए। इस दौरान यामागुची ने नेट पर काफी गलतियां भी कीं, जिसका फायदा भारतीय शटलर को मिला।

सिंधु ने 22 मिनट में यह गेम 21-17 से जीतकर 1-0 की बढ़त ले ली। हालांकि, दूसरे गेम में सिंधु लय खोती दिखी और इसका परिणाम यह हुआ कि वह 15-21 से मुकाबला गंवा बैठीं। सिंधु ने मौजूदा एशियाई खेलों में कई मुकाबले तीसरे व निर्णायक गेम में जाकर ही जीते। आज भी ऐसा ही हुआ। निर्णायक गेम में सिंधु ने अपनी खोई लय हासिल की और हाफ टाइम तक 11-7 की बढ़त बनाई। इसके बाद सिंधु ने लगातार अंक हासिल करते हुए बहुत ही जल्दी गेम प्वाइंट हासिल किया। देखते ही देखते सिंधु ने 21-10 से गेम व मैच अपने नाम किया।

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गौरतलब है कि 8 साल की उम्र से बैडमिंटन रैकेट थामने वाली पीवी सिंधु के चैंपियन बनने का सफर भी काफी दिलचस्प है। पीवी सिंधु ने बैडमिंटन की शुरुआती ट्रेनिंग सिकंदराबाद में महबूब अली से ली और फिर बाद में पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी को जॉइन किया। सिंधु सुबह 4.15 बजे ही उठ जाती हैं और बैडमिंटन की प्रैक्टिस शुरू कर देती है। शुरुआत में सिंधू हर दिन घर से 56 किलोमीटर की दूरी तय कर बैडमिंटन कैंप में ट्रेनिंग के लिए जाती थी।पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक्स में सिल्वर मेडल जीता था, ये कारनामा करने वाली वो एकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। अब वो एशियन गेम्स के फाइनल में भी जगह बनाकर सिल्वर मेडल पक्का कर चुकी हैं। हालांकि उनकी नजर गोल्ड मेडल पर होगी।

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