वनडे मैच में दो गेंदों के इस्तेमाल पर बोले सचिन और विराट ; कहा गेंदबाजी खतरे में

Sachin, Virat, told bowling over threatening use of two balls in ODIs

वनडे क्रिकेट में एक पारी में 2 नई गेंदों के इस्तेमाल पर खिलाडी चिंतित हो गए है। क्रिकेट जगत में यह एक बड़ा बहस का विषय बन गया है। हाल ही में वनडे में लगे रनों के अंबार से चिंतित क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने इस प्रारूप में दो नई गेंदों के इस्तेमाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह तबाही का सबब बन सकता है। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी सचिन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है की गेंदबाजी खतरे में है।

दरअसल मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने वनडे में दो नई गेंद इस्तेमाल करने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियम को तबाही का साधन करार दिया है। सचिन का यह बयान हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच वनडे में बने सर्वोच्च स्कोर के बाद आया है। तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, “वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल की वजह से गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग कराने का मौका ही नहीं मिल पाता है। हमने डेथ ओवरों में लंबे समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी। वक्त आ गया है कि दो नई गेंदों के इस्तेमाल के फैसले की समीक्षा की जाए।” वकार यूनुस ने सचिन के ट्वीट पर रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकल रहे। सभी रक्षात्मक खेलते हैं और परिवर्तन की तलाश में रहते हैं। सचिन से पूरी तरह सहमत हूं। रिवर्स स्विंग गायब ही हो गई है।”

वहीं विराट कोहली ने भी सचिन की बात पर सहमति जताते हुए आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने तब भी वनडे क्रिकेट खेला है, जब सिर्फ एक नई गेंद इस्तेमाल होती थी। तब पारी के दूसरे हाफ में रिवर्स स्विंग एक बड़ा फैक्टर हुआ करती थी। मेरा मानना है कि बल्लेबाज के लिए उसे खेलना ज्यादा चुनौतीभरा था।” उन्होंने कहा क्रिकेट गेंदबाजों के लिए ‘क्रूर’ हो गया है,
खासकर सपाट पिचों पर।
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यह है दो गेंदों का नियम
आईसीसी ने अक्टूबर 2011 में अपने नियमों में संशोधन कर वनडे क्रिकेट में यह नियम लागू किया था। इस नियम के तहत दोनों छोरों से दो अलग-अलग नई बॉल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके चलते एक पारी में दोनों गेंद से 25-25 ओवर फेंके जाते हैं। पहले एक ही गेंद से 50 ओवर पूरे किए जाते थे, तो बॉल को रिवर्स स्विंग मिलती थी और स्पिनर्स के लिए भी बॉल सपॉर्टिंग रोल निभाती थी। लेकिन 2 बॉल के नियम से अब वनडे क्रिकेट में रिवर्स स्विंग और स्पिन की कला लुप्त होती जा रही है।

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