नई दिल्ली के लाल किले में छाया उत्तराखंड, देखें लोक संस्कृति की रंगारंग तस्वीरे

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गणतन्त्र दिवस के अवसर पर आयोजित भारत पर्व महात्मा गांधी जी की 150वी जयंती थीम पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में उत्तराखंड के पारम्परिक व्यंजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा उत्तराखंड की लोक संस्कृति की छटा बिखरी।


भारत पर्व में राष्टंपिता महात्मा गांधी जी की देवभूमि यात्रा से जुड़े स्थलों को उत्तराखंड पर्यटन द्वारा जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसमें कौसानी के अनाषक्ति आश्रम, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, भवाली, अल्मोड़ा, बागेष्वर एवं अन्य स्थलों को दर्शाया गया तथा महात्मा गांधी जी के उत्तराखंड की यात्राओं के ब्रोशर भी उत्तराखंड पर्यटन के स्टाॅल में प्रदर्शित किया गया है।

उत्तराखंड राज्य का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के व्यंजनों को बनाने की विधि का सजीव प्रदर्शन “लाइव फूड डिमोन्सटेंशन” का सफलापूर्वक आयोजन किया गया। लाइव फूड डिमोन्सटेंशन हेतु उत्तराखंड से आये नामी शेफ संजय कुमार, होटल शेरवानी हीलटाॅप, नैनीताल एवंपंकज अग्रवाल, शेफ मसूरी द्वारा उत्तराखंड के पारम्परिक व्यंजनों ,भटट का हलवा, नन्दा थाली, झंगोरे की खीर एवं पल्लर आदि व्यंजन प्रस्तुत किये गये।


पूनम चंद, संयुक्त निदेशक, उत्तराखंड पर्यटन द्वारा भारत पर्व में उत्तराखंड के लाइव फूड डिमोन्सटेंशन के अवसर पर जानकारी दी कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन द्वारा उत्तराखंड के व्यंजनों को देश-विदेश में पहुंचाने हेतु राज्य में फूड फेस्टिवलों का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनो से उत्तराखंड के पर्यटन को उच्च आयाम प्राप्त होंगे।

यह भी पढ़ेंः
उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा उत्तराखंड के पारम्परिक परिधान में दिनांक 28 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम छपेली नृत्य प्रस्तुत किया गया एवं दिनांक 30 जनवरी को उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा उत्तराखंड के पारम्परिक परिधान में झोड़ा-चांचरी नृत्य का मनोहारी चित्रण प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त बेडू पाको बारमासा आदि गीतों परउत्तराखंड के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत वर्ष भी हुड़का-दमोऊ की धुन पर झूमता नजर आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *