मुख्यमंत्री योगी ने डीजीपी को मामले की जांच के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के घोरवाल कोतवाली क्षेत्र के मूर्तिया गांव में बुधवार की दोपहर जमीनी रंजिश के चलते दो पक्षों में कतले आम हो गए थे। इस नरसंहार में 28 लोगों को नामजद किया है, जिसमें 24 लोग गिरफ्तार हो गए है।

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इस मामले में 45 से अधिक अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हो गई है। लोगों ने बताया कि उनकी बिरादरी के लोग कई दशक से इस जमीन पर जोताई-बुआई कर रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि पटना का कोई धीरज नाम का आदमी इस जमीन का ताल्लुकेदार बनकर प्रति बीघे के हिसाब से रुपये वसूलता था।

पिछले साल ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह ने करीब 112 बीघा जमीन किसी तरीके से अपने और परिजनों के नाम पर रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद बुधवार को यज्ञदत्त सिंह और उनके पक्ष के 200 लोग जमीन जोतने के लिए पहुंचे। इस जमीन के खेल में एक आईएएस अधिकारी का भी नाम आ रहा है।

चर्चा है कि 1955 में जब मिर्जापुर जिला था और राबर्ट्सगंज तहसील थी, तब यह जमीन आदर्श को ऑपरेटिव सोसायटी के नाम कर दी गई थी। इतना ही नहीं, एक आईएएस के ससुर के नाम पर चलने वाली सोसायटी को जमीन लिखे जाने के बाद 1989 में संबंधित आईएएस, उसकी पत्नी और पुत्री के नाम भी सौ-सौ बीघा जमीन, इसी जमीन में से दे दी गई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल ही डीजीपी ओपी सिंह को मामले पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त घुर्तिया ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी।

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यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिये बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से जमीन जोतने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

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