उत्तराखंड में नए साल के दूसरे दिन हड़ताल से मचा ‘हाहाकार’, नवजात की मौत, जनता ने झेली फजीहत

the death of the newborn due to 108 workers strike

उत्तराखंड में नए साल के दूसरे दिन हड़ताल से ‘हाहाकार’ मच गया। राजधानी देहरादून में  हायर सेंटर के लिए रेफर की गई एक गर्भवती महिला का सड़क पर ही प्रसव हो गया। एंबुलेंस न मिलने के कारण ऑटो से जा रही महिला के नवजात शिशु ने ठिठुरन भरी रात में कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। इस पूरी घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है।

राजधानी दून में कर्मचारी परेड मैदान में एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की मनमानी का जवाब दिया जाएगा। नए साल का दूसरा दिन प्रदेश कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के नाम रहा। लंबित मांगों पर सरकार के उदासीन रुख से नाराज कर्मचारियों ने अपने-अपने मोर्चों पर बुधवार को धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया। इससे कई सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप रहा, जबकि 108 सेवा न मिलने से रोगियों को तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।  नवजात की मौत पर 108 महकमे का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। हमारे पास सभी कॉल का रिकॉर्ड होता है। अगर युवक ने फोन किया है तो उसका रिकॉर्ड हमारे पास होगा। जांच के बाद देखा जाएगा कि आखिर समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची।

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बता दें कि विभिन्न मांगों को लेकर फील्ड कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले  परेड ग्राउंड और जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करके प्रदेश सरकार की उदासीनता पर अंसतोष जाहिर किया और अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। पर्वतीय जनपदों में सरकारी कार्यालयों में मंच के आंदोलन का ज्यादा असर रहा। दूसरी ओर 108 प्रबंधन ने आंदोलन पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कर्मियों को काम पर लौटने का नोटिस जारी किया है। साथ ही नए सिरे से कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को प्रदेशभर में 108 आपातकालीन सेवा की 139 एंबुलेंस और 95 खुशियों की सवारी का संचालन पूरी तरह ठप रहा। 717 फील्ड कर्मियों ने प्रबंधन पर उत्पीड़नात्मक रवैया अपनाने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाते हुए सामूहिक कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारी संगठन के प्रदेश सचिव विपिन जमलोकी ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रबंधन से वार्ता का प्रयास किया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी जा रही है।

 

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