उत्‍तराखंड में शहिदों के आश्रितों को अब इस आधार पर मिलेगी नौकरी, पढ़ें पूरी खबर

अनुकंपा के आधार पर नौकरी

प्रदेश में अब शहिदों के आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिलेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए उत्तराखंड के स्थायी निवासी जो कि भारतीय सेना/अद्धसैनिक बलों के शहीद सैनिक के आश्रित है उनके लिए राज्याधीन सेवाओं में अनुकंपा के आधार पर सेवा योजन नियमावली-2018 प्रख्यापित कर दी है।

बता दें कि उत्तराखंडवासियों का सेना व अद्धसैनिक बलों से विशेष नाता रहा है। यहां हर पांचवें परिवार से जुड़ा व्यक्ति सेना अथवा अद्धसैनिक बलों से जुड़कर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहा है। आंकड़ो के अनुसार सेना व अद्धसैनिक बलों के तकरीबन दो हजार जवान अभी तक देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी हैं। देश के लिए दिए जाने वाले उनके इस सर्वोच्च योगदान को देखते हुए समय-समय पर इनके आश्रितों को सरकारी घोषणाओं के जरिये सरकारी नौकरी पर रखा जाता था। इसी के तहत राज्य सरकार ने राज्याधीन सेवाओं में अनुकंपा के आधार पर सेवा योजन नियमावली-2018 प्रख्यापित कर दी है।जिसमें स्थायी निवासी शहीद सैनिकों के आश्रितों को समूह ग एवं घ के पदों पर सेवायोजन प्रदान किया जाएगा। इनके लिए प्रदेश के हर जिले में चार पदों के हिसाब से कनिष्ठ सहायक व अनुसेवक के 52 पद भी सृजित किए गए हैं।

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प्रदेश सरकार कि और से शहीद सैनिक व अद्धसैनिकों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए जो नियमावली जारी की गई है उसमे स्पष्ट किया गया है कि सेना के तीनों अंग (थल सेना, जल सेना व वायु सेना) के साथ ही अद्धसैनिक बलों (बीसीएफ, आइटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, एसपीजी, एनएसजी, सीआइएसएफ व असम रायफल्स) के शहीदों के आश्रितों को इसमें शामिल किया जाएगा।शहीद उन्हीं को माना जाएगा, जिनके अभिलेख सेना अथवा अद्धसैनिक मुख्यालय से युद्ध में हताहत अथवा ऑपरेशन में हताहत के रूप में जारी किए जाएंगे ।विवाहित सैनिक की पत्‍‌नी अथवा पति, पुत्र, अविवाहित पुत्रियां, विधवा पुत्रियां, तलाकशुदा पुत्रियों को ही शहिद का आश्रित माना जाएगा और अविवाहित सैनिक की विधवा माता, अविवाहित बहन, विधवा बहन व तलाकशुदा बहन को ही आश्रितों कि श्रेणी मे रखा गया है।

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