देहरादून में 95 फीट के झंडे जी के आरोहण साथ ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू, केसर सिंह ने चढ़ाया गिलाफ

देहरादून के ऐतिहासिक झंडेजी मेले का आगाज सोमवार को पूरे विधी विधान के साथ हो गया है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र 95 फीट के झंडे जी का आरोहण रहा। जिसमें लाखों श्रद्धालु मौजूद रहे। इस बार झंडेजी पर गिलाफ चढ़ाने का श्रेय होशियारपुर के केसर सिंह को मिला है। वहीं दूसरी और शहर में जनता को जाम झेलना पड़ा। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजुदगी से दरबार साहिब के आस- पास के क्षेत्रों में लम्बा जाम लगा रहा।

बता दें कि आज सुबह करीब छह बजे से विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ। जिसके बाद पुराने झंडेजी को विधि-विधान से उतारकर पुराने गिलाफ हटाए गए। नए झंडेजी को गाय के दूध, दही, घी, मक्खन, गोमूत्र, गंगाजल से स्नान कराया गया। दोपहर से शाम तक झंडेजी पर गिलाफ चढ़ाया गया। प्रेम, सद्भावना, भाईचारा, मानवता, श्रद्धा व आस्था के प्रतीक श्री झंडा जी मेला में शामिल होने के लिए देश-विदेश से संगत यहां पहुंची। श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्री महंत देवेंद्र दास महाराज लाखों संगतों की मौजूदगी में श्री झंडे जी का आरोहण कि‍या गया। इस साल गांव सिमली, तहसील गढ़शंकर, होशियारपुर, पंजाब निवासी केसर सिंह पुत्र तेज सिंह दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। इसके लिए इस परिवार को लंबा इंतजार करना पड़ा। गिलाफ चढ़ाने के लिए केसर सिंह का परिवार बेहद उत्साहित है। बता दें कि दर्शनी गिलाफ के भीतर सादे गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। इनकी संख्या 41 होती है। मध्यभाग में शनील के गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। इनकी संख्या 21 होती है। सबसे बाहर की ओर दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है।

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श्री गुरु राम राय दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने श्री झंडा जी मेला की पूर्व संध्या पर संगतों को गुरुमंत्र दिया। महाराज ने कहा कि मेले हमारे देश की विरासत व धरोहर हैं। मेलों में देश विदेश के लोग एकसाथ एकजुट होकर अपनी कला, संस्कृति व संस्कारों का आदान प्रदान करते हैं। संगत ने गुरुमंत्र को आत्मसात करते हुए श्री झंडा साहिब और श्री गुरु महाराज जी का आशीर्वाद लिया।  उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, उसे पृथ्वी पर ही स्वर्ग की अनुभूति मिल जाती है। उन्होंने सामाजिक कुरितियों जैसे कन्या भ्रूण हत्या, नशा, दहेज प्रथा, पर्यावरण जल संरक्षण के लिए जागरूक किया।

 

 

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