ट्रेड यूनियन्स की हड़ताल से बैंकों-डाकघरों में दूसरे दिन भी काम प्रभावित,बेरोजगारों ने भी किया प्रदर्शन

ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय  राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम लोग परेशान रहे। मंगलवार की तरह बुधवार को भी ग्रामीण बैंकों में काम पूरी तरह ठप रहा। बैंकों में भी लेनदेन प्रभावित रहा। कई जगह एटीएम से कैश नहीं निकलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डाक सेवाओं पर भी हड़ताल का असर रहा।

देहरादून में ग्रामीण डाक सेवकों के हड़ताल में शामिल होने से ग्रामीण क्षेत्रों में डाक नहीं बंट पाई। डाकघरों के काउंटरों पर दिनभर लोगों की लंबी लाइन रही। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी गांधी पार्क के सामने एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन के प्रदेश महामंत्री जगमोहन मेहंदीरत्ता ने कहा कि सरकार बैंकों का निजीकरण कर रही है। आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। नये-नये निजी बैंकों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं। बता दें कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल उत्तराखंड के बैंकों की हड़ताल से पहले दिन 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। हड़ताल में प्रदेशभर से 1200 शाखाओं के 5000 कर्मचारी शामिल हुए। इस वजह से बैंकों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। गढ़वाल में स्टेट बैंक और जिला सहकारी बैंकों में सामान्य रूप से काम होने से उपभोक्ताओं को राहत रही।

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बेरोजगारों ने  प्रदर्शन कर मांगी नौकरी

वहीं दूसरी और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के दर्जनों युवाओं ने प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पवार की अगुवाई में बुधवार को सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।साथ ही बेरोजगार संघ के सदस्यों ने समूह ग में अध्यादेश की मांग को लेकर सचिवालय गेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सेवायोजन रजिस्ट्रेशन अनिवार्यता को खत्म करने के  लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। बेरोजगारों ने कहा कि सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि लंबित मांगों के निस्तारण के लिए कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है लेकिन उनकी मांगों के निस्तारण के लिए सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।

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