उत्तराखंडः 15 दिन से लापता CRPF जवान जयेंद्र सिंह पुंडीर शहीद, माता-पिता का बूरा हाल, क्षेत्र में शोक की लहर

उत्तराखंडः 15 दिन से लापता CRPF जवान जयेंद्र सिंह पुंडीर शहीद, माता-पिता का बूरा हाल, क्षेत्र में शोक की लहर

उत्तराखंड का 15 दिन से लापता सीआरपीएफ जवान जयेंद्र सिंह पुंडीर की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। बता दें कि जयेंद्र त्रिपुरा में सीआरपीएफ 124वीं बटालियन में तैनात थे और अपने घर श्यामपुर ऋषिकेश में होली मनाने के लिए 10 मार्च को 20 दिन का अवकाश लेकर रवाना हुआ थे। लेकिन रास्ते ही से वह गायब हो गए। तबसे परिजन बेटे की तलाश कर रहे थे। कलकत्ता तक ढूंढने पहुंचे थे। पर कोई सुराग नहीं मिल रहा था। शनिवार को जवान गंभीर हालात में बरामद किया गया था जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जवान की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

बता दें कि त्रिपुरा में सीआरपीएफ में तैनात जवान जयेंद्र सिंह पुंडीर पुत्र विक्रम सिंह पुंडीर निवासी श्यामपुर मूल निवासी ग्राम सिलमोरी चंबा बीते 10 मार्च को होली की छुट्टी के लिए अपने साथियों के साथ चले थे। 11 मार्च को कलकत्ता तक साथ आने के बाद उनके साथी अलग चले गए। कलकत्ता पुलिस का शाम चार बजे उनके पिता के नंबर पर फोन आया। उन्होंने पिता की बात जयेंद्र से कराई। इसके बाद सवा चार बजे पिता ने जयेंद्र के नंबर पर फोन लगाया।जयेंद्र ने पिता से दिमाग काम न करने की बात कही और फोन कट गया। तभी से मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा था। 16 मार्च को पिता ने जीआरपी थाना कोलकाता में जयेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जयेंद्र की तलाश में कोलकाता के कई हॉस्पिटल, थानों और चौकियों के पिता और परिजन चक्कर लगाते रहे। पुलिस भी उसकी तलाश में  जुट गई थी। जवान की मां ने राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई थी।

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बता दें कि तीन दिन पहले परिजनों को पता चला था कि जयेंद्र सिंह पुंडीर कोलकाता के हावड़ा ब्रिज के समीप सीआरपीएफ के कैंप में चिकित्सकों की देखरेख में है। बताया गया कि वह रेलवे स्टेशन में जहर खुरानी का शिकार हुआ थे। परिजनों ने घर पर उसके सकुशल होने की सूचना भेजी थी। गढ़ी मयचक के ग्राम प्रधान जयेंद्र पाल रावत ने बताया कि मौत की सूचना पर जयेंद्र के घर में कोई अनहोनी ना हो जाए। इस बात को देखते हुए उसकी मृत्यु की सूचना घर पर नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि कोलकाता के हॉस्पिटल में जयेंद्र की मौत होने के बाद सड़क मार्ग के जरिये सीआरपीएफ के वाहन में जवान का पार्थिव शरीर ऋषिकेश लाया गया। जहां जवान का अंतिम संस्कार किया गया।सीआरपीएफ की दिल्ली रेंज के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। सोमवार को ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर में मौजूद मुक्ति धाम में बड़े भाई रविंद्र सिंह पुंडीर ने शहीद को मुखाग्नि दी।

 

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