उत्तराखंडः गंगा रिजॉर्ट में दुनिया भर से पहुंचे सैकड़ों एडवेंचर ट्रैवल व्यवसायी

ऋषिकेश स्थित गंगा रिजॉर्ट में दुनिया भर के 28 देशों से पधारे लगभग 300 से अधिक एडवेंचर ट्रैवल व्यवसायियों तथा विभिन्न पर्यटन संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन एडवेंचर ट्रैवल एंड रिस्पांसिबल टूरिज्म कॉन्फ्रेंस एंड मार्ट-2019 का आगाज हुआ। उद्घाटन अवसर पर राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, सचिव पर्यटन, भारत सरकार योगेंद्र त्रिपाठी और पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन के सी.ई.ओ. मारियो हार्डी ने साहसिक पर्यटन के आदर्श गन्तव्य ऋषिकेश में आयोजित हो रहे इस कॉन्फ्रेंस और मार्ट में पधारे आगंतुकों का स्वागत किया।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने देश-विदेश से ऋषिकेश में पहुंचे पर्यटन क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों का विशेष धन्यवाद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य सदा से ही पर्यटकों को लुभाते रहे हैं। राज्य सरकार की योजना है कि इसके साथ-साथ राज्य में उपलब्ध साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को निवेशकों तथा व्यवसायियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि एडवेंचर तथा ट्रैवल क्षेत्र के अग्रणी व्यवसायियों को राज्य में आमंत्रित करने का उद्देश्य राज्य की स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। केदारनाथ धाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2013 की भीषण आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्रिय सहयोग से केदारनाथ धाम को पुनः स्थापित किया गया है। उन्होंने इस आयोजन को संभव बनाने के लिए पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन तथा एडवेंचर ट्रैवल ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रयासों के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य के यात्रा, रोमांच और साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इसकी मेजबानी का  निर्णय लिया है।
सचिव पर्यटन भारत सरकार योगेंद्र त्रिपाठी ने अपने संबोधन में पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन को इस बात के लिए विशेष धन्यवाद दिया और कहा कि इस आयोजन के लिए ऋषिकेश का चयन एक प्रशंसनीय निर्णय है क्योंकि यहां एडवेंचर टूरिज्म की सभी संभावनाएं मौजूद है।
पेसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर मारियो हार्डी ने देश विदेश से इस आयोजन में सम्मिलित होने ऋषिकेश पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों को धन्यवाद देते हुए आशा प्रकट की कि इस आयोजन के माध्यम से साहसिक पर्यटन की नई संभावनाओं को तलाशा जा सकेगा और उन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस तथा मार्ट के माध्यम से नए संबंध स्थापित होते हैं और व्यापार को गतिशीलता मिलती है।इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव सुमन बिल्ला द्वारा भारत में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं तथा भविष्य की योजना पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आगंतुकों को भारत में साहसिक पर्यटन के अवसरों से अवगत कराया गया। राज्य के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर द्वारा उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन से जुड़ी उपलब्धियों तथा महत्वपूर्ण गंतव्यों के विषय में विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रोताओं के समक्ष उत्तराखंड के पर्यटन की समग्र तस्वीर प्रस्तुत की।
उद्घाटन अवसर पर राज्य की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली आगंतुकों के मनोरंजन के लिए संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा नृत्य कला के प्रदर्शन के साथ किया गया इसके अतिरिक्त भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों द्वारा आगंतुकों के स्वागत में शानदार प्रस्तुति दी गई। कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर से पधारे पर्यटन क्षेत्र के विशिष्ट  व्यक्तियों तथा कतिपय विद्वानों द्वारा सतत एवं उत्तरदाई पर्यटन, साहसिक पर्यटन की मार्केटिंग, कायाकल्प के उपकरण के रूप में पर्यटन आदि विषयों के अतिरिक्त भारत तथा उत्तराखंड में मौजूद पर्यटन की अपार संभावनाओं के विषय में अपने विचार रखे गए। आगंतुकों के स्वागत में मौसम ने करवट बदली तो दुनिया भर से पधारे यात्रा तथा रोमांच की दुनिया के लोगों ने गंगा नदी के तीर पर हो रही बारिश और तेज हवा का प्रत्यक्ष आनंद लिया।

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