उत्तराखण्ड राज्य राजस्व में वृद्धि हो सकती है-जाने कैसे

पौड़ी में स्थित झलपाली से दीव ड़ाडा रसल्वाण, कीर्तिखाल से भैरवगढ़ी मन्दिर तथा ऋशिकेष 1⁄4स्वर्गाश्रम1⁄2से नीलकंठ मन्दिर रोप-वे परियोजनाओं की फिजिबिलीटी स्टडी कराये जाने हेतु पर्यटन विभाग द्वारा चिन्हित किये गये रोप-वे परियोजनाओं की फिजीबिलीटी रिपोर्ट तैयार करने हेतु यू0आई0पी0सी0 की टीम पौड़ी के लिए रवाना हुई।

यह टीम जिला पर्यटन विकास अधिकारी, पौड़ी के साथ मिलकर परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी।
ज्ञातव्य है कि रोपवे निर्माण के लिए दिनांक 25.09.2019 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड षासन कीअध्यक्षता में उत्तराखण्ड इन्फ्रास्टंक्चर प्रोजेक्ट्स कम्पनी 1⁄4यू0आई0पी0सी01⁄2 की बोर्ड बैठक में मुख्य सचिव तथासचिव वित्त, उत्तराखण्ड षासन द्वारा चिन्हित रोप-वे परियोजनाओं की फिजीबिलीटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देष दिये गये थे। यदि इन रोप-वे परियोजनाओं पर षासन की हरी झंडी मिल जाती है तो इससे राज्य में पर्यटन की नई सम्भावनायें सृजित होंगी।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर कहते हैं कि इन परियोजनाओं के साकार हो जाने से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, पर्यटकों को सुविधायुक्त तथा प्रदूशण मुक्त संसाधन प्राप्त होंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। रोप-वे परियोजनायें पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का एक बेजोड़ उपाय सिद्ध हो सकती है। इसी लिए राज्य सरकार निरंतर इस दिषा में प्रयास कर रही है।