Whatsapp यूजर स्पाईवेयर से बचने के लिये अपडेट करें !

फेसबुक का बयान-कम लोग ही स्पाई वेयर का निशाना बने होंगे।
यूजर्स के लिए एप और आपरेटिंग सिस्टम अपडेट करने की सलाह।
काल लाग से काल भी गायब हो जाता था, लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनका फोन हैक हो गया है।

Image result for whatsapp updateवाटसएप की सुरक्षा में बड़ी खामी का खुलासा होने के बाद इसका इस्तेमाल करने वाले लोग सकते में हैं। अभी तक यह सही-सही पता नहीं चल सका है कि कितने लोगों के फोन व्हाट्सएप के जरिए हैक किए गए। जिस एनएसओ ग्रुप पर लोगों के फोन हैक करने का आरोप है, वह सबसे पहले 2016 में सुर्खियों में आया था।

उस वक्त यह पता चला था कि यह संयुक्त अरब अमीरात की सरकार के साथ मिलकर लोगों के फोन हैक करता है। एनएसओ का सबसे मशहूर प्रोडक्ट पेगासस है। इस टूल के जरिए टार्गेट यूजर के फोन का कैमरा और माइक्रोफोन भी ऑन किया जा सकता है। साथ ही इसमें मौजूद सभी डेटा चुराए जा सकते हैं।

हैकर टार्गेट यूजर को वाट्सएप के जरिए वॉयस कॉल करते थे। यूजर फोन उठाए या न उठाए, स्पाई वेयर उसके डिवाइस में इंस्टॉल हो जाता था। इसके बाद कॉल लॉग से वह कॉल गायब भी हो जाता था। इस तरह यूजर को पता भी नहीं चलता था कि उसका फोन हैक हो गया है।

न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक हैकर्स द्वारा वाट्सएप के जरिए यूजर के फोन में इंस्टाल किए गए कोड एनएसओ के अन्य कोड से काफी मिलते-जुलते थे। ताजा मामले की जानकारी इस महीने की शुरुआत में मिली। कंपनी ने 10 दिन के अंदर इसे ठीक कर अपडेट जारी कर दिया था।

वाट्सएप के मुताबिक यह कहना जल्दबाजी होगी कि कितने लोग प्रभावित हुए। कंपनी का मानना है कि स्पाईवेयर काफी उन्नत किस्म का है और इससे चुनिंदा लोग या संस्थान ही प्रभावित हुए होंगे।
वाट्सएप अपडेट करने के बाद उसे एनएसओ के स्पाई वेयर के जरिए हैक नहीं किया जा सकता है। जिनका फोन पहले ही हैक हो चुका है उन्हें अपडेट का फायदा होगा, यह अभी पक्का नहीं हो सका है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एनएसओ ने कहा कि वह आतंकवाद और अपराध रोकने के लिए सरकारों के साथ काम करती है। कंपनी ने कहा कि-हम काफी जांच-परख करने के बाद लाइसेंस जारी करते हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए हम टेक्नोलाजी तैयार करते हैं। गलत इस्तेमाल होने पर एक्शन लिया जाता है।
फेसबुक की ओर से जारी बयान में कहा गया है, श्हम यूजर्स से एप को अपग्रेड करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही उनसे आपरेटिंग सिस्टम भी अप टू डेट रखने को कहा गया है। यह स्पाई वेयर काफी उन्नत किस्म का है और चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया गया होगा। ज्यादातर यूजर प्रभावित नहीं हुए होंगे।

फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जासूसी वाला साफ्टवेयर एक इस्राइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने विकसित किया है। इस जासूसी साफ्टवेयर को व्हाट्सएप काल के जरिये लोगों के फोन में इंस्टाल किया गया है। इस कंपनी को ‘साइबर आर्म्स डीलर’ के तौर पर जाना जाता है। कहीं भी अभी इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाई है कि कितने लोगों को इस साइबर हमले का निशाना बनाया गया है।

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