विश्व हिन्दी दिवस आज, जानिए क्यों और कैसे हुई 10 जनवरी को यह विशेष दिन मनाने की शुरूवात

दुनिया भर में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह ने एक दशक पहले 10 जनवरी, 2006 को की थी, तभी से हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरूवात का उद्देश्य दुनियाभर में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण बनाना और हिंदी को वैश्विक भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है।

ह्यूस्टन में भारतीय दूतावास में पहली बार मनेगा विश्‍व हिंदी दिवस

विश्‍व हिंदी दिवस का मकसद विदेश में हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है। अमेरिका के शहर ह्यूस्टन में पहली बार भारतीय कांसुलेट (वाणिज्‍य दूतावास) में विश्‍व हिंदी दिवस मनाया जाएगा। इसका दायित्‍व ह्यूस्टन में रह रहीं प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. कविता वाचक्नवी को सौंपा गया है। उन्‍होंने बताया कि इसके लिए उन्‍होंने लगभग बीस विद्यार्थियों को तैयार किया है, जो हिंदी में हिंदी के विषय में बोलेंगे। उन्‍होंने अपने ब्लॉग में लिखा हैं- ‘अमेरिका के जिस नगर में मैं रहती हूं, उसमें न्यूयार्क से इतर सर्वाधिक भारतीय रहते हैं। यह स्वयं में लघु भारत ही है। किंतु हिंदी के अकादमिक अध्ययन की विद्यालय और विश्व विद्यालयीय व्यवस्थाओं में से भारतीय लगभग गायब हैं। पूरे अमेरिका की लगभग यही स्थिति है।’

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विश्व हिंदी दिवस की ऐसे रखी गई बुनियाद
विश्व हिंदी दिवस की बुनियाद तो 10 जनवरी, 1975 को तब पड़ी थी जब नागपुर में पहले विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। लेकिन 10 जनवरी को हर साल विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा साल 2006 में हुई। 1975 में विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था जबकि हर साल विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने साल 2006 में की थी। साल 1975 के बाद से विश्व सम्मेलन का आयोजन अलग-अलग देशों जैसे भारत, मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम, त्रिनिदाद, संयुक्त राज्य अमेरिका आदि में किया गया।

 

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