विदेशी कंपनी से मिला बाबा रामदेव की पतंजलि को ‘ऑफर’

विदेशी कंपनी से मिला बाबा रामदेव की पतंजलि को 'ऑफर'

नई दिल्ली। पतंजलि की सफलता को देखते हुए अब एक फ्रांसिसी लग्जरी ग्रुप एल.वी.एम.एच. ने पतंजलि आयुर्वेद में हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी दिखाई है। एल कैटर्टन एशिया के मैनेजिंग पार्टनर रवि ठाकरान ने कहा, ‘हम अगर कोई मॉडल ढूंढ पाएं तो उनके साथ जरूर बिजनेस करना चाहेंगे।’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘उनके मॉडल में बहुराष्ट्रीय और विदेशी निवेश की गुंजाइश नहीं है, ऐसा मुझे लगता है।

ये भी पढ़ें-स्थापना दिवस पर बोले बाबा रामदेव- एक लाख करोड़ की चैरिटी है पतंजलि का लक्ष्य

पतंजलि  5,000 करोड़ रुपए का लेना चाहती है कर्ज 
पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हम कंपनी में हिस्सेदारी नहीं बेचना चाहते। उन्होंने कहा कि पतंजलि भारतीय करेंसी में 5,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेना चाहती है। बालकृष्ण ने कहा कि कंपनी को बैंकों से कम रेट पर कर्ज मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके लिए यूबीएस ने कई विदेशी निवेशकों के साथ मीटिंग फिक्स की है। बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि में हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह एल कैटर्टन से बात करने को तैयार हैं।  वहीं एल.वी.एम.एच. की हिस्सेदारी वाला एल कैटर्टन प्राइवेट इक्विटी फंड अपने एशिया फंड में बची रकम के आधे यानी 50 करोड़ डॉलर से पतंजलि में हिस्सेदारी खरीदने को तैयार है। पतंजलि पिछले कुछ वर्षों में देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में शामिल हो गई है। उसने हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोलगेट पामोलिव और डाबर जैसी ग्लोबल और लोकल कंपनियों को अपने आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो को विस्तार देने पर मजबूर कर दिया है। ठाकरान ने बताया, ‘पतंजलि ग्लोबल कंपनी बन सकती है।’ उन्होंने कहा कि पतंजलि अपने प्रॉडक्ट्स अमरीका, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप में भी बेच सकती है और एल कैटर्टन इसमें उसकी मदद करेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *