कोर्ट से की ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने की फरियाद, कोर्ट ने उसके साथ सभी के रोक दिये !

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2016 में 1 लाख 35 हजार सड़क हादसे हुए, जिसमें करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत हुई। इसमे चिंता की बात ये है कि इन आंकड़ों में हर साल बढ़ोतरी होती जा रही है। मौतों के इन आंकड़ों को देखते हुये राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि अनपढ़ ड्राइवरों के लाइसेंस वापस ले लिए जाएं, अनपढ़ ड्राइवर हाईवे और सड़कों पर लगे संकेतों को समझ नहीं पाते हैं। इससे वे सड़कों पर दूसरों के लिए खतरा हैं, इसीलिए राज्य सरकार अनपढ़ ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसिल करें। हाईकोर्ट ने यह आदेश लाईट मोटर व्हिकल के लिए दिया है। साथ ही राज्य सरकार को ये भी आदेश दिया है कि आदेश पर एक महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करें।Related image

बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट में दीपक सिंह ने याचिका लगा कर गुहार लगाई कि उसे मालवाहक गाड़ी का लाइसेंस दिया जाए। क्योंकि उसके पास लाइट मोटर व्हिकल का लाइसेंस पहले से था जो ट्रांसपोर्ट अथारिटी द्वारा उसे 2006 में जारी किया गया था। जिसके बाद उसने मालवाहक गाड़ी का लाइसेंस लेने के लिए अथारिटी में आवेदन किया लेकिन अथारिटी ने आठवीं कक्षा पास होने की शर्त होने का हवाला देते हुए लाइसेंस जारी करने से मना कर दिया। क्योंकि दीपक आठवीं नहीं पढ़े थे इसीलिए उन्होंने याचिका लगाई कि मालवाहक गाड़ी का लाइसेंस जारी करने की इजाजत दी जाए।

इस पर कोर्ट ने मालवाहक गाड़ी का लाइसेंस देने की इजाजत दीपक को तो नहीं दी, बल्की दूसरे ड्राइवरों का भी लाइसेंस कैंसिल करने का आदेश दे दिय। और कहा कि सरकार ऐसी नीति बनाए, जो न केवल लाइसेंस धारकों को फायदा पहुंचाएं, बल्कि सड़क पर पैदल चलने वालों, दूसरे गाड़ी चलाने वालों के लिए भी फायदेमंद हो। सरकार एैसे अनपढ़ लोगों को लाइसेंस न दें जो हाइवे के साथ दूसरे रोड पर लगे बोर्ड समझ न पाए और यातायात रिलेटेड बोर्डों को भी न समझ पाएं।

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